फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   frad in milak

नाटकीय ढंग से जंजीरों में बंधा मिला पीतांबर

Thu, 26 Nov 2015 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मिलक
ब्यूरो/अमर उजाला मिलक Updated Thu, 26 Nov 2015 11:33 PM IST
विज्ञापन
frad in milak
एसओजी और पुलिस की टीम ने गुरुवार को प्रधान पद की प्रत्याशी के ससुर के अपहरण मामले का खुलासा कर दिया है। टीम ने गांव के पास से ही अपहृत को नाटकीय ढंग से जंजीरों में बंधा हुआ बरामद कर लिया है। पुलिस ने बताया कि पीतांबर ने दूसरे प्रत्याशी के परिजनों को फंसाने के लिए अपहरण का नाटक कर रचा था।
विज्ञापन



उसका अपहरण नहीं किया गया था। बाद में उसे जेल भेजा दिया गया। ग्राम पंचायत पिपलाशिवनगर के प्रधान पद की प्रत्याशी सुनीता के ससुर पीतांबर सिंह का सोमवार को जनसंपर्क के दौरान अपहरण हो गया था। परिवार वालों ने मंगलवार को कोतवाली पहुंचकर प्रधान पद की दूसरे प्रत्याशी के पति समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी थी।
विज्ञापन



साथ ही परिजनों ने एसपी दफ्तर पर बरामदगी के लिए प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने मामले में बुधवार की रात सतपाल, दयाशंकर, हरीश चंद्र और देवीदास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। उधर, एसओजी और पुलिस की टीम पीतांबर की बरामदगी को लेकर जांच में लगी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन



टीम को गुरुवार की सुबह सूचना मिली कि पीतांबर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के पास जंजीरों में ताले के साथ पड़ा है। इस पर पुलिस मौके पहुंच कर उसे बरामद कर लिया। इसके बाद उसे कोतवाली ले लाई। एसओजी और पुलिस की टीम ने पूछताछ शुरू की। पुलिस पूछताछ के दौरान पीतांबर के सच कबूल करने का दावा कर रही है।


पुलिस के अनुसार पीतांबर का किसी ने अपहरण नहीं किया था, बल्कि वह 23 नवंबर की रात मिलक से पैसेंजर ट्रेन से हापुड़ गया। यहां पहुंचने के बाद वह इधर-उधर टहलता रहा। 24 नवंबर को वह मेरठ पहुंच गया, जहां उसने मेला देखा। यहां से उसने चालीस रुपये में जंरीर और ताले खरीदे।


साथ ही उसने अपने अपहरण की बात परिवार के लोगों को बताई। वह बुधवार की रात को बस से आया और सुबह गांव के पास हाथ-पैरों में जंजीर में ताला लगाकर बैठ गया। इस बीच परिवार वालों से उसकी फोन पर बात भी हुई थी। पुलिस ने ग्रामीणों और मीडिया के सामने उसको पेश किया, जिसने अपने अपहरण की बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया।



एसओजी प्रभारी गीतेश कपिल ने बताया पीतांबर ने प्रधान पद की प्रत्याशी के पति सत्यपाल को फंसाने के लिए साजिश रची थी और वह चाहता था कि उसका पति समेत चारों जेल चलें जाएं और वह चुनाव जीत जाए। पुलिस ने बरामद पीतांबर को चुनाव में झगड़े की आशंका में एसडीएम अली हसनकर्नी के यहां पेश किया। उसको जेल भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed