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आजम खां के नाम पर फर्जी मदरसे का पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:29 PM IST
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मदरसा शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर यूपी के कैबिनेट मंत्री मो. आजम खां और राज्यसभा सांसद एवं उनकी पत्नि तजीन फात्मा के नाम पर फर्जी मदरसे का पंजीकरण कर लिया गया है। कैबिनेट मंत्री को मदरसे का प्रबंधक और राज्यसभा सांसद को प्रधानाचार्या दर्शाया गया है।
मामला पकड़ में आने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों और पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने प्रकरण की सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरपी सिंह ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर मदरसा आजमिया के नाम से फर्जी पंजीकरण किया गया है। मदरसे का प्रबंधक यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ मंत्री मो. आजम खां को दर्शाया गया है।
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पंजीकरण में उनके मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी को भी पंजीकृत किया गया है। कैबिनेट मंत्री के साथ ही उनकी पत्नि एवं राज्यसभा सांसद तजीन फात्मा को प्रधानाचार्या के रूप में दर्शाते हुए उनका मोबाइल नंबर भी दर्ज किया गया है। इस नाम का कोई भी मदरसा अस्तित्व में नहीं है।
कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद के नाम का अवैध रूप से प्रयोग कर फर्जीवाड़े की सूचना से अफसरों में खलबली मच गई। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरपी सिंह ने सिविल लाइंस पुलिस को अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66बी के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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मामला पकड़ में आने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों और पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने प्रकरण की सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरपी सिंह ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर मदरसा आजमिया के नाम से फर्जी पंजीकरण किया गया है। मदरसे का प्रबंधक यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ मंत्री मो. आजम खां को दर्शाया गया है।
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पंजीकरण में उनके मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी को भी पंजीकृत किया गया है। कैबिनेट मंत्री के साथ ही उनकी पत्नि एवं राज्यसभा सांसद तजीन फात्मा को प्रधानाचार्या के रूप में दर्शाते हुए उनका मोबाइल नंबर भी दर्ज किया गया है। इस नाम का कोई भी मदरसा अस्तित्व में नहीं है।
कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद के नाम का अवैध रूप से प्रयोग कर फर्जीवाड़े की सूचना से अफसरों में खलबली मच गई। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरपी सिंह ने सिविल लाइंस पुलिस को अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66बी के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।