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फ्लैग- योगी सरकार की खनन नीति का पालन नहीं करा पा रहा पुलिस-प्रशासन
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:27 AM IST
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दस ट्राली फ्री के नाम पर माफिया का कोसी नदी पर कब्जा
रामपुर। मसवासी क्षेत्र में कोसी नदी पर माफिया ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। पुलिस-प्रशासन ने भी वहां अवैध खनन रोकने के नाम पर हाथ खड़े कर लिए हैं। प्रशासनिक अफसर खनन नीति का हवाला देकर दस ट्राली किसान के लिए फ्री ले जाना बता रहे हैं, जबकि खनन नीति में किसान को दस ट्राली मिट्टी सिर्फ अपने खेत से खोदकर निकालने की छूट दी गई है न कि नदी से। प्रशासन की इसी ढिलाई की वजह से कोसी नदी में जमकर पोकलैंड मशीनें चल रही हैं। इससे आसपास के गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है जोकि माफिया से भिड़ंत का कारण बन सकता है।
जिले में प्रशासन और पुलिस अफसरों की अनदेखी से योगी सरकार की खनन नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनन नीति का पालन ही नहीं हो रहा है। कोसी नदी को टार्गेट करके माफिया जमकर अवैध खनन में उतर आए हैं। पोकलैंड और जेसीबी मशीनें चलाई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। मंगलवार को भी दिन में मशीनों से खनन होता रहा। पुलिस ने खनन करने वालों पर हाथ डालना बंद कर दिया है। इससे ऐसा लग रहा है कि पुलिस और प्रशासन के अफसरों की कोई न कोई साठगांठ माफिया से हो गई है। स्टोन क्रेशर के मालिक खुलेआम खनन में लिप्त हैं। स्टोन क्रेशरों पर रेता के ढेर लगाए जा रहे हैं अवैध तरीके से खनन करके वैध तरीके से रेता से लदे डंपरों को ढोया जा रहा है। खेतों में होकर खनन के ट्रक निकलने से गांव वालों में आक्रोश है।
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रामपुर। मसवासी क्षेत्र में कोसी नदी पर माफिया ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। पुलिस-प्रशासन ने भी वहां अवैध खनन रोकने के नाम पर हाथ खड़े कर लिए हैं। प्रशासनिक अफसर खनन नीति का हवाला देकर दस ट्राली किसान के लिए फ्री ले जाना बता रहे हैं, जबकि खनन नीति में किसान को दस ट्राली मिट्टी सिर्फ अपने खेत से खोदकर निकालने की छूट दी गई है न कि नदी से। प्रशासन की इसी ढिलाई की वजह से कोसी नदी में जमकर पोकलैंड मशीनें चल रही हैं। इससे आसपास के गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है जोकि माफिया से भिड़ंत का कारण बन सकता है।
जिले में प्रशासन और पुलिस अफसरों की अनदेखी से योगी सरकार की खनन नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनन नीति का पालन ही नहीं हो रहा है। कोसी नदी को टार्गेट करके माफिया जमकर अवैध खनन में उतर आए हैं। पोकलैंड और जेसीबी मशीनें चलाई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। मंगलवार को भी दिन में मशीनों से खनन होता रहा। पुलिस ने खनन करने वालों पर हाथ डालना बंद कर दिया है। इससे ऐसा लग रहा है कि पुलिस और प्रशासन के अफसरों की कोई न कोई साठगांठ माफिया से हो गई है। स्टोन क्रेशर के मालिक खुलेआम खनन में लिप्त हैं। स्टोन क्रेशरों पर रेता के ढेर लगाए जा रहे हैं अवैध तरीके से खनन करके वैध तरीके से रेता से लदे डंपरों को ढोया जा रहा है। खेतों में होकर खनन के ट्रक निकलने से गांव वालों में आक्रोश है।
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