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जेल पर बारह करोड़ रुपये खर्च, अब शासन की राय का इंतजार
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:33 AM IST
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जेल पर बारह करोड़ रुपये खर्च, अब शासन की राय का इंतजार
रामपुर। सपा सरकार में चीनी मिल की जमीन पर शुरु हुआ जेल का निर्माण भाजपा सरकार बनते ही रूक गया। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस प्रोजेक्ट पर करीब बारह करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। वहीं, निर्माण कार्य रूकने को लेकर शासन ने रिपोर्ट भी मांगी थी। जिस पर सीएंडडीएस ने अब तक खर्च हुई धनराशि समेत तमाम पहलुओं पर रिपोर्ट भेजी है। साथ ही यह मार्गदर्शन भी मांगा है कि आगे इस प्रोजेक्ट पर क्या करना है?
सपासरकार में मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां ने शहर में नई जेल का प्रोजेक्ट मंजूर कराया था। इसका निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए भी अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। चीनी मिल कालोनी के मकान खाली कराए गए थे। इसका जमकर विरोध भी हुआ था। महिलाओं समेत सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को जेल तक जाना पड़ा था। जिसके बाद करीब तीन साल पहले जेल का निर्माण कार्य शुरू हो सका। 116.48 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज की यूनिट एक को मिला था। सीएंडडीएस को शुरुआत में प्रोजेक्ट के लिए बीस करोड़ रुपये जारी हुए थे। इसमें से बारह करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जिसमें कैंपस वॉल, मेन वॉल, सर्किल वॉल, चार बैरक और फाउंडेशन का काम हो गया था। आठ करोड़ रुपये अभी शेष हैं, लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद यह काम बंद हो गया। इस पर पिछले दिनों शासन ने सीएंडडीएस से रिपोर्ट तलब की थी। जिस पर सीएंडडीएस ने विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस रिपोर्ट में अब तक हुए काम, खर्च धनराशि का ब्यौरा दिया गया है। साथ ही प्रोजेक्ट पूरा न होने पर सरकार को होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई है। यह भी मार्गदर्शन मांगा गया है कि आगे इस ञप्रोजेक्ट पर क्या करना है? अब अफसरों को शासन के मार्गदर्शन का इंतजार है।
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रामपुर। सपा सरकार में चीनी मिल की जमीन पर शुरु हुआ जेल का निर्माण भाजपा सरकार बनते ही रूक गया। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस प्रोजेक्ट पर करीब बारह करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। वहीं, निर्माण कार्य रूकने को लेकर शासन ने रिपोर्ट भी मांगी थी। जिस पर सीएंडडीएस ने अब तक खर्च हुई धनराशि समेत तमाम पहलुओं पर रिपोर्ट भेजी है। साथ ही यह मार्गदर्शन भी मांगा है कि आगे इस प्रोजेक्ट पर क्या करना है?
सपासरकार में मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां ने शहर में नई जेल का प्रोजेक्ट मंजूर कराया था। इसका निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए भी अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। चीनी मिल कालोनी के मकान खाली कराए गए थे। इसका जमकर विरोध भी हुआ था। महिलाओं समेत सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को जेल तक जाना पड़ा था। जिसके बाद करीब तीन साल पहले जेल का निर्माण कार्य शुरू हो सका। 116.48 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज की यूनिट एक को मिला था। सीएंडडीएस को शुरुआत में प्रोजेक्ट के लिए बीस करोड़ रुपये जारी हुए थे। इसमें से बारह करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जिसमें कैंपस वॉल, मेन वॉल, सर्किल वॉल, चार बैरक और फाउंडेशन का काम हो गया था। आठ करोड़ रुपये अभी शेष हैं, लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद यह काम बंद हो गया। इस पर पिछले दिनों शासन ने सीएंडडीएस से रिपोर्ट तलब की थी। जिस पर सीएंडडीएस ने विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस रिपोर्ट में अब तक हुए काम, खर्च धनराशि का ब्यौरा दिया गया है। साथ ही प्रोजेक्ट पूरा न होने पर सरकार को होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई है। यह भी मार्गदर्शन मांगा गया है कि आगे इस ञप्रोजेक्ट पर क्या करना है? अब अफसरों को शासन के मार्गदर्शन का इंतजार है।
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