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साढ़े आठ लाख से सुधरेगी जिला सहकारी बैंक के सभागार की सूरत
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रामपुर। शहर में बने जिला सहकारी बैंक के सभागार की सूरत जल्द ही बदलेगी। इसके लिए नाबार्ड ( नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट )ने मंजूरी दे दी है। करीब साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से सभागार का सुंदरीकरण होगा, जिसमें एसी, पंखे, कुर्सियां आदि ठीक कराई जाएंगी। जल्द ही इसमें काम शुरू होगा। इसके बाद आगामी कुछ दिनों में सभागार ठीक हो जाएगा।
पूरे शहर में महज एक ही सभागार है, जहां तमाम सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित जाते हैं। बड़े प्रशासनिक कार्यक्रमों से लेकर सियासी दल और सामाजिक संगठनों तक के कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। लेकिन, लंबे समय से सभागार की स्थिति सुुधारने की दशा में कोई काम नहीं किया गया। यहां तक कि सभागार के एसी, पंखे तक काम नहीं कर रहे थे। तमाम लाइटें खराब थीं। कुर्सियां तक टूटने लगी थीं। इसके अलावा छत की फॉर सीलिंग भी खराब हो रही थी। ऐसे में डर था कि कभी किसी कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कोई हादसा न हो जाए। ऐसे में जिलाधिकारी ने सभागार की स्थिति सुधारने के आदेश दिए थे।
डीएम के आदेश के बाद सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त और निबंधक ने बैंक से सभागार की मरम्मत कराने का प्रस्ताव मांगा था। इसके तहत बैंक की ओर से साढ़े आठ लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया गया। ऐसे में अब नाबार्ड से मिली धनराशि के जरिए बैंक सभागार की मरम्मत कराई जाएगी। इसमें बैंक सभागार की फॉर सीलिंग से लेकर दीवारों का पेंट तक बदला जाएगा। इसके अलावा कुर्सियां, खराब लाइटें, खराब पंखे, एसी आदि सही कराए जाएंगे। मंच के हिस्से की भी मरम्मत कराई जाएगी। आगामी कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। यह काम पूरा होने के बाद सभागार भी अच्छा हो जाएगा।
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पूरे शहर में महज एक ही सभागार है, जहां तमाम सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित जाते हैं। बड़े प्रशासनिक कार्यक्रमों से लेकर सियासी दल और सामाजिक संगठनों तक के कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। लेकिन, लंबे समय से सभागार की स्थिति सुुधारने की दशा में कोई काम नहीं किया गया। यहां तक कि सभागार के एसी, पंखे तक काम नहीं कर रहे थे। तमाम लाइटें खराब थीं। कुर्सियां तक टूटने लगी थीं। इसके अलावा छत की फॉर सीलिंग भी खराब हो रही थी। ऐसे में डर था कि कभी किसी कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कोई हादसा न हो जाए। ऐसे में जिलाधिकारी ने सभागार की स्थिति सुधारने के आदेश दिए थे।
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डीएम के आदेश के बाद सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त और निबंधक ने बैंक से सभागार की मरम्मत कराने का प्रस्ताव मांगा था। इसके तहत बैंक की ओर से साढ़े आठ लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया गया। ऐसे में अब नाबार्ड से मिली धनराशि के जरिए बैंक सभागार की मरम्मत कराई जाएगी। इसमें बैंक सभागार की फॉर सीलिंग से लेकर दीवारों का पेंट तक बदला जाएगा। इसके अलावा कुर्सियां, खराब लाइटें, खराब पंखे, एसी आदि सही कराए जाएंगे। मंच के हिस्से की भी मरम्मत कराई जाएगी। आगामी कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। यह काम पूरा होने के बाद सभागार भी अच्छा हो जाएगा।
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