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धनाभाव में लटका इंटर कालेजों और छात्रावासों का निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:16 AM IST
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मोहम्मदपुर शुमाली गांव में निर्माणधीन राजकीय इण्टर कॉलेज। अमर उजाला
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समाजवादी सरकार में मंजूर हुए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं। इनमें इंटर कालेजों और छात्रावासों से लेकर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तक शामिल हैं। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत के इन प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए विभाग को अभी करीब आठ करोड़ रुपये की दरकार है।
पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने सत्ता में रहते हुए रामपुर में अरबों रुपये के विकास कार्य कराए। इसमें सड़कों के निर्माण से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल और कालेज तक शामिल हैं। उन्होंने करीब तीन साल पहले मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्लान के तहत सैदनगर क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर शुमाली और शाहबाद के ग्राम हुसैनगंज में राजकीय इंटर कालेजों को मंजूरी दिलाई थी।
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इसके अलावा रामपुर में सौ सीट के बालक और बिलासपुर में भी इतनी ही क्षमता के बालिका के छात्रावास को मंजूरी मिली थी। 27 प्राथमिक विद्यालयों और पांच उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण होना था।
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करीब 15 करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्टों के लिए शासन ने पचास फीसदी धनराशि जारी कर दी थी। इस पर कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया। दोनों इंटर कालेजों और छात्रावासों का आधा निर्माण कार्य हो चुका है। वहीं, 27 में से 12 प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण हो चुका है।
पांच में चार उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्य धनाभाव में लटके हुए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से कई बार धन की मांग की गई, लेकिन धन जारी नहीं हो सका। ऐसे में करोड़ों के प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं।