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अजादारों ने मातम कर किया खुद को लहूलुहान
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:05 PM IST
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शहीदे कर्बला के चेहलुम पर जरी और अलम मुबारक का जुलूस बरामद हुआ। अजादारों ने जंजीरों का मातम कर खुद को लहूलुहान कर किया। अंजुमनों ने नोहाख्वानी की। शबीहे ताबूत 18 बनी हाशिम भी बरामद हुए। चेहलुम पर बरोज जुमेरात इमामबाड़ा मिर्जा जफर बेग से अलम मुबारक का जुलूस बरामद हुआ। अंजुमनों ने नोहाख्वानी की।
जुलूस जच्चा-बच्चा सेंटर पहुंचा तो इसमें मकबरा जनाबे आलिया से बरामद शाही जरी अकदस का जुलूस भी शामिल हो गया। जुलूस मिस्टनगंज, राजद्वारा, मोहम्मद अली जौहर मार्ग होता हुआ वक्फे जाफरिया पहुंचा। इसके बाद जुलूस इमामबाड़ा कोठी खासबाग पहुंचा। यहां से भी जरी शामिल होकर जुलूस करबला का जानिब रवाना हो गया।
जुलूस सीआरपीएफ कैंपस से होकर कर्बला पहुंचा। जुलूस में असलम महमूद, शान जैदी, अली अब्बास नोहाख्वानी करते रहे। शाही जुलूस पक्की करबला और वक्फे जाफरिया का जुलूस कच्ची कर्बला पहुंचा। कच्ची करबला में अंजुमन सियाह हुसैनी के राशिद बिलाल, शहजादा गुलरेज की जानिब से 18 बनी हाशिम के ताबूत बरामद हुए।
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अजादारों ने छुरियों का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। आखिर में अलविदाई नोहा पढ़ा। बाद में शाही करबला में ताजिये दफन किए गए। कर्बला में लंगर भी तकसीम किया गया। करबला में जनानी मसजिल भी हुई। जाकरा राना जैदी ने कर्बला का बाकिया बयान किया। माहौल सोगवार था और हर किसी की आंख नम थी।
इस मौके पर अली अब्बास, वसीम मियां, मंतजिम मुतवल्ली, आबिद हुसनैन, मुजतबा आबदी, इरफान जैदी, सैयद मासूम अली, रजा आबदी, मंसूर हुसैन, मिर्जा मुजतबा अली बेग, काजिम अब्बास, सुहैल जैदी, राशिद हिलाल, नदीम अकबर, कमल रिजवी, मौलाना मूसा रजा भी थे।
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जुलूस जच्चा-बच्चा सेंटर पहुंचा तो इसमें मकबरा जनाबे आलिया से बरामद शाही जरी अकदस का जुलूस भी शामिल हो गया। जुलूस मिस्टनगंज, राजद्वारा, मोहम्मद अली जौहर मार्ग होता हुआ वक्फे जाफरिया पहुंचा। इसके बाद जुलूस इमामबाड़ा कोठी खासबाग पहुंचा। यहां से भी जरी शामिल होकर जुलूस करबला का जानिब रवाना हो गया।
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जुलूस सीआरपीएफ कैंपस से होकर कर्बला पहुंचा। जुलूस में असलम महमूद, शान जैदी, अली अब्बास नोहाख्वानी करते रहे। शाही जुलूस पक्की करबला और वक्फे जाफरिया का जुलूस कच्ची कर्बला पहुंचा। कच्ची करबला में अंजुमन सियाह हुसैनी के राशिद बिलाल, शहजादा गुलरेज की जानिब से 18 बनी हाशिम के ताबूत बरामद हुए।
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अजादारों ने छुरियों का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। आखिर में अलविदाई नोहा पढ़ा। बाद में शाही करबला में ताजिये दफन किए गए। कर्बला में लंगर भी तकसीम किया गया। करबला में जनानी मसजिल भी हुई। जाकरा राना जैदी ने कर्बला का बाकिया बयान किया। माहौल सोगवार था और हर किसी की आंख नम थी।
इस मौके पर अली अब्बास, वसीम मियां, मंतजिम मुतवल्ली, आबिद हुसनैन, मुजतबा आबदी, इरफान जैदी, सैयद मासूम अली, रजा आबदी, मंसूर हुसैन, मिर्जा मुजतबा अली बेग, काजिम अब्बास, सुहैल जैदी, राशिद हिलाल, नदीम अकबर, कमल रिजवी, मौलाना मूसा रजा भी थे।