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आचार संहिता में फंसा नगर पालिका के 84 सड़कों व नालों का निर्माण
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रामपुर। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में नगर क्षेत्र में 84 सड़कों और नाले और नालियों के निर्माण को मंजूरी मिली थी। ये निर्माण कार्य करीब दस करोड़ रुपये से कराए जाने थे। लेकिन, इन कार्यों की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही लोकसभा उपचुनाव की आचार संहिता लागू हो गई, जिस कारण टेंडर अधर में लटक गए। अब इन कार्यों का निर्माण शुरू होने के लिए करीब एक माह का इंतजार करना होगा।
शहर के कुछ मोहल्लों में सड़कों व गलियों की हालत खस्ता है। तमाम नालों की दरकार है, जो या तो टूट गए हैं या फिर ऊंचे नीचे हो गए हैं। ऐसे में सड़कें ऊबड़ खाबड़ होने की वजह से जहां लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं, वहीं नालों की बदहाली की वजह से गंदगी सड़कों पर जमा हो जाती है। लिहाजा, सभासदों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को चिह्नित करते हुए प्रस्ताव नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखे, जिन्हें बोर्ड में मंजूरी मिल गई। जिसके बाद एस्टीमेट तैयार किए गए और नगर पालिका की ओर से टेंडर आमंत्रित किए गए। इससे पहले कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाती उससे पहले ही लोकसभा उपचुनाव का एलान हो गया, जिसके चलते आचार संहिता प्रभावी हो गई।
ऐसे में पांच लाख रुपये अधिक के 84 विकास कार्यों के प्रस्ताव अधर में लटक गए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से ये विकास कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे। अब आचार संहिता हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, जिसके बाद विकास कार्यों में तेजी आएगी।
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शहर के कुछ मोहल्लों में सड़कों व गलियों की हालत खस्ता है। तमाम नालों की दरकार है, जो या तो टूट गए हैं या फिर ऊंचे नीचे हो गए हैं। ऐसे में सड़कें ऊबड़ खाबड़ होने की वजह से जहां लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं, वहीं नालों की बदहाली की वजह से गंदगी सड़कों पर जमा हो जाती है। लिहाजा, सभासदों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को चिह्नित करते हुए प्रस्ताव नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखे, जिन्हें बोर्ड में मंजूरी मिल गई। जिसके बाद एस्टीमेट तैयार किए गए और नगर पालिका की ओर से टेंडर आमंत्रित किए गए। इससे पहले कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाती उससे पहले ही लोकसभा उपचुनाव का एलान हो गया, जिसके चलते आचार संहिता प्रभावी हो गई।
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ऐसे में पांच लाख रुपये अधिक के 84 विकास कार्यों के प्रस्ताव अधर में लटक गए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से ये विकास कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे। अब आचार संहिता हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, जिसके बाद विकास कार्यों में तेजी आएगी।
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