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किसानों ने धरना स्थल पर ही मनाया भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता का जन्मदिन
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भोट (रामपुर)। कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठे किसानों ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का जन्मदिन मनाया। इस दौरान राकेश टिकैत की दीर्घायु की कामना की। साथ ही सरकार से नए कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानून से किसानों का आक्रोश चरम पर है। कानून के विरोध में किसान आठ दिनों से कोयला टोल प्लाजा पर धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने भी गाजीपुर बॉर्डर से धरने पर बैठे किसानों को फोन के जरिए राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के जन्मदिन की मुबारकबाद दी। धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता जागीर सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों का एक अराजनैतिक संगठन है, जो हमेशा किसानों के उत्थान के लिए काम करता है। राजनेता तो वोट मांगते समय किसानों के हक की बात करते हैं और वोट मिलने के बाद सांसद, विधायक और मंत्री बनकर किसानों के विकास के बजाय अपना विकास करने में लग जाते हैं। इसलिए, भाकियू को अपने संगठन को ग्राम स्तर तक मजबूत करना है, जिससे कि किसानों का संगठन मजबूत हो और किसान अपने हक की लड़ाई आसानी से लड़ सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर पिछले छह माह से भी अधिक समय से देश के किसान अपना घर, खेत, खलिहान छोड़कर दिल्ली की सीमाओं में बैठे हैं और देश की सरकार तथा प्रधानमंत्री को कोई चिंता ही नहीं है। ऐसे में अब किसान तब तक अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक देश की सरकार किसान विराधी तीनों कृषि काननूों को वापस नहीं ले लेती। इस दौरान मोहम्मद तालिब, मंजीत सिंह ढीडसा, अमृतपाल सिंह, लखविन्दर सिंह, रामदास मौर्य, होरी लाल, विनोद यादव, चौधरी अजीत सिंह, जरनैल सिंह, अमीर अहमद, फैसल, इरफान हसन आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानून से किसानों का आक्रोश चरम पर है। कानून के विरोध में किसान आठ दिनों से कोयला टोल प्लाजा पर धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने भी गाजीपुर बॉर्डर से धरने पर बैठे किसानों को फोन के जरिए राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के जन्मदिन की मुबारकबाद दी। धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता जागीर सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों का एक अराजनैतिक संगठन है, जो हमेशा किसानों के उत्थान के लिए काम करता है। राजनेता तो वोट मांगते समय किसानों के हक की बात करते हैं और वोट मिलने के बाद सांसद, विधायक और मंत्री बनकर किसानों के विकास के बजाय अपना विकास करने में लग जाते हैं। इसलिए, भाकियू को अपने संगठन को ग्राम स्तर तक मजबूत करना है, जिससे कि किसानों का संगठन मजबूत हो और किसान अपने हक की लड़ाई आसानी से लड़ सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर पिछले छह माह से भी अधिक समय से देश के किसान अपना घर, खेत, खलिहान छोड़कर दिल्ली की सीमाओं में बैठे हैं और देश की सरकार तथा प्रधानमंत्री को कोई चिंता ही नहीं है। ऐसे में अब किसान तब तक अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक देश की सरकार किसान विराधी तीनों कृषि काननूों को वापस नहीं ले लेती। इस दौरान मोहम्मद तालिब, मंजीत सिंह ढीडसा, अमृतपाल सिंह, लखविन्दर सिंह, रामदास मौर्य, होरी लाल, विनोद यादव, चौधरी अजीत सिंह, जरनैल सिंह, अमीर अहमद, फैसल, इरफान हसन आदि मौजूद रहे।
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