{"_id":"59ce73f04f1c1bd7538b4ef8","slug":"81506702320-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंच से ही कर दिए नौ योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंच से ही कर दिए नौ योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास
Updated Fri, 29 Sep 2017 09:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
आचार संहिता लगने के डर से प्रदेश सरकार धड़ाधड़ योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने में जुट गई है। पट्टिकाएं लगाने के लिए सरकार योजनाओं के साथ लीपापोती भी कर रही है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सराहन के कलै में नौ योजनाओं का वीडियो कांफ्रेंसिंग से उद्घाटन और शिलान्यास किया। कलै में बिजली बोर्ड के कार्यालय और आवास के लोकार्पण को मुख्यमंत्री पहुंचे थे। मुख्यमंत्री करीब दस बजे वहां पहुंच तो वहां पंडित को कहा गया कि वे जल्दी करें।
पंडित ने भी चंद मिनट में पूजा करवा दी। फिर बारी आई वीडियो कांफ्रेंसिंग से विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की। वहां मंच पर एलईडी भी रखी गई थी लेकिन जब लोकार्पण और शिलान्यास की बात आई तो एलईडी को किनारे कर मुख्यमंत्री ने पांच मिनट में नौ योजनाओं के नाम पढ़ कर इनका लोकार्पण और शिलान्यास कर दिया। इससे लगता है कि सरकार चुनाव आचार संहिता लगने से पहले कैसे भी लोकार्पण और शिलान्यास करवाना चाहती है। हर कहीं अपने नाम की पट्टिका टांगने में लगी है। सड़कों के लोकार्पण के लिए एक दिन पहले सड़कें पास करवा दी गईं। रातोंरात पट्टिकाएं पहुंचाई गई और सुबह एक आदमी वहां खड़ा रहा, जिन्हें मोबाइल से सूचना कर दी गई कि रस्म पूरी हो गई है सामने से कपड़ा हटा लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
आचार संहिता लगने के डर से प्रदेश सरकार धड़ाधड़ योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने में जुट गई है। पट्टिकाएं लगाने के लिए सरकार योजनाओं के साथ लीपापोती भी कर रही है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सराहन के कलै में नौ योजनाओं का वीडियो कांफ्रेंसिंग से उद्घाटन और शिलान्यास किया। कलै में बिजली बोर्ड के कार्यालय और आवास के लोकार्पण को मुख्यमंत्री पहुंचे थे। मुख्यमंत्री करीब दस बजे वहां पहुंच तो वहां पंडित को कहा गया कि वे जल्दी करें।
विज्ञापन
पंडित ने भी चंद मिनट में पूजा करवा दी। फिर बारी आई वीडियो कांफ्रेंसिंग से विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की। वहां मंच पर एलईडी भी रखी गई थी लेकिन जब लोकार्पण और शिलान्यास की बात आई तो एलईडी को किनारे कर मुख्यमंत्री ने पांच मिनट में नौ योजनाओं के नाम पढ़ कर इनका लोकार्पण और शिलान्यास कर दिया। इससे लगता है कि सरकार चुनाव आचार संहिता लगने से पहले कैसे भी लोकार्पण और शिलान्यास करवाना चाहती है। हर कहीं अपने नाम की पट्टिका टांगने में लगी है। सड़कों के लोकार्पण के लिए एक दिन पहले सड़कें पास करवा दी गईं। रातोंरात पट्टिकाएं पहुंचाई गई और सुबह एक आदमी वहां खड़ा रहा, जिन्हें मोबाइल से सूचना कर दी गई कि रस्म पूरी हो गई है सामने से कपड़ा हटा लिया जाए।
विज्ञापन