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Rampur News: जनवरी में 6.2 करोड़ यूनिट बिजली चोरी, 28.52 करोड़ की चपत
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रामपुर।
लाख कोशिश के बाद भी अधिकारी बिजली चोरी नहीं रोक पा रहे हैं। रामपुर जिले में चार डिवीजन हैं। जिनमें बड़े स्तर पर बिजली चोरी हो रही है। उधर, पिछले दिनों अधीक्षण अभियंता के मुताबिक, विभाग की टीम ने दिन-रात अभियान चलाकर बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई की है। पिछले वर्ष की तुलना में लाइनलॉस काफी कम हो गया है।
जनवरी माह में हुई बिजली चोरी की फरवरी में समीक्षा हुई। जिसमें सामने आया कि जिले के चारों डिवीजन में कुल 6.2 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हो गई। इसकी कुल कीमत 28.52 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। इनमें सबसे अधिक शहरी क्षेत्र में करीब 3.4 करोड़ तो स्वार व मिलक डिवीजन में भी एक-डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली चोरी होना बताया जा रहा है।
फरवरी माह में लाइन लॉस समीक्षा हुई तो सामने आया कि चारों डिवीजन में औसतन कुल 15.82 प्रतिशत बिजली चोरी हुई है। हालांकि, अधिकारी पिछले वर्ष की तुलना में जनवरी 2025 में कम बिजली चोरी होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, चारों डिवीजन के आंकड़ें देखें तो बिलासपुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य शहरी क्षेत्र, स्वार व मिलक डिवीजन में बिजली चोरी पिछले वर्ष के जनवरी माह से अधिक हुई है।
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रामपुर शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 3.40 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई। इसके अलावा स्वार में 1.55 करोड़ और मिलक क्षेत्र में 1.01 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई है। शहरी क्षेत्र और स्वार और मिलक में बिजली चोरी (लाइनलॉस) के मामलों में वृद्धि हुई है। जबकि, बिलासपुर डिवीजन में पिछले साल के जनवरी महीने की तुलना में इस वर्ष के जनवरी में लाइसलॉस धनात्मक है। इस तरह चालू वर्ष के जनवरी महीने में चारों डिवीजन में कुल 6.2 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई। उधर, अब तक गर्मियों की सीजन शुरू हो रहा है और ऐसे में बिजली चोरी के मामले और बढ़ेंगे। ऐसे में विभाग के लिए बिजली चोरी रोकना काफी चुनौती पूर्ण माना जा रहा है।
बिजली की निर्धारित दरें
शहरी क्षेत्र में 5.50 रुपये प्रति यूनिट।
ग्रामीण क्षेत्र में 3.50 रुपये प्रति यूनिट।
डिवीजन वार बिजली खपत और चोरी
डिवीजन-- -- -- -- बिजली मिली (करोड़) -- खपत (करोड़) -- लाइन लॉस (प्रतिशत में)
रामपुर शहर-- - 3.07 -- - 2.02 -- -- 34.06
स्वार-- - 2.73 -- -- 2.31 -- -- 15.55
मिलक-- -- 1.68 -- - 1.51 -- -- 10.14
बिलासपुर-- -- - 2.52 -- -- 2.58 -- -- -2.28
कुल-- -- -- -- -- -- -- - 10.03 -- -- - 8.44 -- -- 15.82
नोट : मिली बिजली व खपत के आंकड़े करोड़ में हैं।
नए ट्रांसफार्मर लगाने की योजना
अधिकारी गर्मियों में ओवरलोड से दम तोड़ रहे ट्रांसफार्मरों को बदलने की योजना बना रहे हैं। 25 केवीए क्षमता को बढ़ाकर 63 केवीए और 63 केवीए को बढ़ाकर 100 केवीए तक के ट्रांसफार्मर नए रखे जाने हैं। इसके लिए सात जगहों को चिह्नित किया गया है। जिसमें आंबेडकर पार्क, सैदनगर, मिलक, भीतरगांव, शाहबाद, केमरी और अशोकनगर को रखा गया है। यहां पर नए क्षमता वृद्धि के साथ ट्रांसफार्मरों को रखा जाएगा।
-- -- -- -- -
मई-जून में बढ़ जाएगी खपत
मई-जून में गर्मी अपने चरम पर होती है और ऐसे में उपभोक्ता एसी, फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन समेत कई तरह के उपकरण का प्रयोग करते हैं। इससे बिजली की खपत और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना भी है। जिससे ट्रांसमिशन से ज्यादा बिजली की मांग करनी पड़ेगी।
- कई कारण से करीब एक प्रतिशत उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग नहीं ली जा सकी है। जिसे अगले महीने की रीडिंग में जोड़ लेते हैं। इसके अलावा 30 प्रतिशत निजी नलकूपों पर मीटर नहीं लग पाए हैं। उपभोक्ता तक बिजली पहुंचाने में भी टेक्निकल लॉस होता है, जिसे बिजली चोरी नहीं कहा जा सकता है। वैसे फिर भी पिछले वर्षों की तुलना करेंगे तो लाइन लाॅस काफी कम हो गया है।
- महफूज आलम, अधीक्षण अभियंता
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लाख कोशिश के बाद भी अधिकारी बिजली चोरी नहीं रोक पा रहे हैं। रामपुर जिले में चार डिवीजन हैं। जिनमें बड़े स्तर पर बिजली चोरी हो रही है। उधर, पिछले दिनों अधीक्षण अभियंता के मुताबिक, विभाग की टीम ने दिन-रात अभियान चलाकर बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई की है। पिछले वर्ष की तुलना में लाइनलॉस काफी कम हो गया है।
जनवरी माह में हुई बिजली चोरी की फरवरी में समीक्षा हुई। जिसमें सामने आया कि जिले के चारों डिवीजन में कुल 6.2 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हो गई। इसकी कुल कीमत 28.52 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। इनमें सबसे अधिक शहरी क्षेत्र में करीब 3.4 करोड़ तो स्वार व मिलक डिवीजन में भी एक-डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली चोरी होना बताया जा रहा है।
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फरवरी माह में लाइन लॉस समीक्षा हुई तो सामने आया कि चारों डिवीजन में औसतन कुल 15.82 प्रतिशत बिजली चोरी हुई है। हालांकि, अधिकारी पिछले वर्ष की तुलना में जनवरी 2025 में कम बिजली चोरी होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, चारों डिवीजन के आंकड़ें देखें तो बिलासपुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य शहरी क्षेत्र, स्वार व मिलक डिवीजन में बिजली चोरी पिछले वर्ष के जनवरी माह से अधिक हुई है।
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रामपुर शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 3.40 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई। इसके अलावा स्वार में 1.55 करोड़ और मिलक क्षेत्र में 1.01 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई है। शहरी क्षेत्र और स्वार और मिलक में बिजली चोरी (लाइनलॉस) के मामलों में वृद्धि हुई है। जबकि, बिलासपुर डिवीजन में पिछले साल के जनवरी महीने की तुलना में इस वर्ष के जनवरी में लाइसलॉस धनात्मक है। इस तरह चालू वर्ष के जनवरी महीने में चारों डिवीजन में कुल 6.2 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई। उधर, अब तक गर्मियों की सीजन शुरू हो रहा है और ऐसे में बिजली चोरी के मामले और बढ़ेंगे। ऐसे में विभाग के लिए बिजली चोरी रोकना काफी चुनौती पूर्ण माना जा रहा है।
बिजली की निर्धारित दरें
शहरी क्षेत्र में 5.50 रुपये प्रति यूनिट।
ग्रामीण क्षेत्र में 3.50 रुपये प्रति यूनिट।
डिवीजन वार बिजली खपत और चोरी
डिवीजन
रामपुर शहर
स्वार
मिलक
बिलासपुर
कुल
नोट : मिली बिजली व खपत के आंकड़े करोड़ में हैं।
नए ट्रांसफार्मर लगाने की योजना
अधिकारी गर्मियों में ओवरलोड से दम तोड़ रहे ट्रांसफार्मरों को बदलने की योजना बना रहे हैं। 25 केवीए क्षमता को बढ़ाकर 63 केवीए और 63 केवीए को बढ़ाकर 100 केवीए तक के ट्रांसफार्मर नए रखे जाने हैं। इसके लिए सात जगहों को चिह्नित किया गया है। जिसमें आंबेडकर पार्क, सैदनगर, मिलक, भीतरगांव, शाहबाद, केमरी और अशोकनगर को रखा गया है। यहां पर नए क्षमता वृद्धि के साथ ट्रांसफार्मरों को रखा जाएगा।
मई-जून में बढ़ जाएगी खपत
मई-जून में गर्मी अपने चरम पर होती है और ऐसे में उपभोक्ता एसी, फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन समेत कई तरह के उपकरण का प्रयोग करते हैं। इससे बिजली की खपत और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना भी है। जिससे ट्रांसमिशन से ज्यादा बिजली की मांग करनी पड़ेगी।
- कई कारण से करीब एक प्रतिशत उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग नहीं ली जा सकी है। जिसे अगले महीने की रीडिंग में जोड़ लेते हैं। इसके अलावा 30 प्रतिशत निजी नलकूपों पर मीटर नहीं लग पाए हैं। उपभोक्ता तक बिजली पहुंचाने में भी टेक्निकल लॉस होता है, जिसे बिजली चोरी नहीं कहा जा सकता है। वैसे फिर भी पिछले वर्षों की तुलना करेंगे तो लाइन लाॅस काफी कम हो गया है।
- महफूज आलम, अधीक्षण अभियंता