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Rampur News: यूपीआई पर प्रस्तावित एमडीआर के विरोध में व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

Tue, 22 Sep 2026 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Tue, 22 Sep 2026 02:07 AM IST
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Traders submitted a memorandum opposing the proposed MDR on UPI.
रामपुर। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर व्यापारियों की चिंता सामने आने लगी है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय आह्वान पर व्यापारियों ने डीएम के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था को जन-जन तक पहुंचाने में यूपीआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन यूपीआई के लेनदेन पर अतिरिक्त लागत गले नहीं उतर रही।
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सुबह करीब 11 बजे जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां छोटे, मध्यम और फुटकर व्यापारियों को एमडीआर से राहत देने तथा व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग की गई।
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व्यापारियों ने कहा कि देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को जन-जन तक पहुंचाने में यूपीआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सहयोग किया है। ऐसे में यूपीआई लेन-देन पर अतिरिक्त लागत बढ़ने से छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव पड़ने की आशंका है।
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व्यापारियों ने कहा कि किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, दवा, ऑटो पार्ट्स और अन्य फुटकर कारोबार में कई बार एक ग्राहक का भुगतान दो हजार रुपये से अधिक हो जाता है।
छोटे कारोबारियों का लाभ मार्जिन सीमित होने के कारण अतिरिक्त शुल्क उनके लिए महत्वपूर्ण लागत बन सकता है। व्यापारियों ने कहा कि एमडीआर का प्रभाव केवल कारोबारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अतिरिक्त लागत का असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
कहा गया कि छोटे व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान व्यवस्था को यथासंभव शुल्क मुक्त रखा जाए। केवल यूपीआई से प्राप्त मासिक राशि के आधार पर सीमा निर्धारित करने के बजाय व्यापारी के वास्तविक कारोबार, प्रकृति और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए। यदि किसी श्रेणी में एमडीआर आवश्यक माना जाता है तो छोटे और फुटकर व्यापारियों को पर्याप्त संरक्षण दिया जाए।

व्यापारियों ने यह भी मांग की कि प्रस्तावित व्यवस्था लागू करने से पहले देश के प्रमुख व्यापारी संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था मजबूत हो और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पड़े।
इस अवसर पर शाहिद शम्सी, शोएब मोहम्मद खान, वाजिद अली, इमरान, सलीम, हारिश शम्सी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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