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सांसद को नहीं मिली मंच जगह, नाराज होकर निकले
Updated Mon, 31 Jul 2017 01:02 AM IST
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सांसद को नहीं मिली मंच जगह, नाराज होकर निकले
रामपुर। सांसद डा. नैपाल सिंह को रजा लाइब्रेरी प्रशासन ने कोई तवज्जो नहीं दी। उन्हें न तो मंच पर ही स्थान दिया गया और ना ही सभागार में डाली गई वीवीआईपी सीट पर। लिहाजा वह नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए। हालांकि लाइब्रेरी प्रशासन इस पर कुछ भी कहने से बचता रहा।
रामपुर रजा लाइब्रेरी में मुंशी प्रेमचंद के जन्मशती समारोह के मौके पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। दो दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने किया। राज्यपाल के कार्यक्रम को मद्देनजर कई जाने माने साहित्यकारों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। गर्वनर के आगमन से पहले ही मेहमानों ने अपना स्थान घेर लिया था। सभागार में मेहमान ज्यादा और सीटें कम होने से तमाम लोगों को सीट ही नहीं मिल पाई। इस बीच यहां पर सांसद डा.नैपाल सिंह भी पहुंचे। सांसद लाइब्रेरी में लगाई गई प्रदर्शनी में तो राज्यपाल के साथ-साथ रहे, लेकिन जब सभागार में पहुंचे तो उनको बैठने के लिए कोई स्थान ही नहीं मिला। मंच पर भी उन्हें नहीं बुलाया गया। काफी देर तक सांसद इधर उधर सीट तलाशते रहे। मंच पर राज्यपाल के साथ ही लाइब्रेरी के निदेशक भी बैठे थे। साथ ही प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री भी बैठे थे, लेकिन सांसद पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। काफी देर तक इधर उधर सीट तलाश रहे सांसद आखिरकार नाराज होकर कार्यक्रम शुरू होते ही कार्यक्रम स्थल से निकल गए। सांसद के जाने के साथ ही विधायक राजबाला और पीछे-पीछे तमाम भाजपा के नेता उठकर चले आए। सांसद के इस तरह चले जाने को लेकर लाइब्रेरी प्रशासन किसी भी तरह कुछ भी कहने से बचता हुआ नजर आया। हालांकि सांसद ने भी कोई नाराजगी जाहिर करने के बजाए दिल्ली पहुंचना है, यह कहकर बात खत्म कर दी। हालांकि मंच पर कुछ ऐसे लोग मौजूद रहे जोकि कोई जनप्रतिनिधि भी नहीं हैं।
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रामपुर। सांसद डा. नैपाल सिंह को रजा लाइब्रेरी प्रशासन ने कोई तवज्जो नहीं दी। उन्हें न तो मंच पर ही स्थान दिया गया और ना ही सभागार में डाली गई वीवीआईपी सीट पर। लिहाजा वह नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए। हालांकि लाइब्रेरी प्रशासन इस पर कुछ भी कहने से बचता रहा।
रामपुर रजा लाइब्रेरी में मुंशी प्रेमचंद के जन्मशती समारोह के मौके पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। दो दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने किया। राज्यपाल के कार्यक्रम को मद्देनजर कई जाने माने साहित्यकारों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। गर्वनर के आगमन से पहले ही मेहमानों ने अपना स्थान घेर लिया था। सभागार में मेहमान ज्यादा और सीटें कम होने से तमाम लोगों को सीट ही नहीं मिल पाई। इस बीच यहां पर सांसद डा.नैपाल सिंह भी पहुंचे। सांसद लाइब्रेरी में लगाई गई प्रदर्शनी में तो राज्यपाल के साथ-साथ रहे, लेकिन जब सभागार में पहुंचे तो उनको बैठने के लिए कोई स्थान ही नहीं मिला। मंच पर भी उन्हें नहीं बुलाया गया। काफी देर तक सांसद इधर उधर सीट तलाशते रहे। मंच पर राज्यपाल के साथ ही लाइब्रेरी के निदेशक भी बैठे थे। साथ ही प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री भी बैठे थे, लेकिन सांसद पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। काफी देर तक इधर उधर सीट तलाश रहे सांसद आखिरकार नाराज होकर कार्यक्रम शुरू होते ही कार्यक्रम स्थल से निकल गए। सांसद के जाने के साथ ही विधायक राजबाला और पीछे-पीछे तमाम भाजपा के नेता उठकर चले आए। सांसद के इस तरह चले जाने को लेकर लाइब्रेरी प्रशासन किसी भी तरह कुछ भी कहने से बचता हुआ नजर आया। हालांकि सांसद ने भी कोई नाराजगी जाहिर करने के बजाए दिल्ली पहुंचना है, यह कहकर बात खत्म कर दी। हालांकि मंच पर कुछ ऐसे लोग मौजूद रहे जोकि कोई जनप्रतिनिधि भी नहीं हैं।
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