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शिक्षामित्रों ने डायट में दिया धरना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:58 AM IST
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शिक्षामित्रों ने डायट में दिया धरना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
रामपुर। समायोजन रद्द होने के बाद से शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। रविवार को एक बार फिर शिक्षामित्र डायट में गरजे। एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल राम नाईक से भी मिला और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने शिक्षामित्रों को कानून बनाकर सहायक अध्यापक बनाने की मांग की है। राज्यपाल ने भी शिक्षामित्रों को इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पांच दिन पहले शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर निर्णय दिया था। कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने का फैसला सुनाया। इसके बाद से ही प्रदेशभर में शिक्षामित्र आंदोलन पर हैं। रविवार को भी शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी रहा। सुबह से ही शिक्षामित्रों का डायट पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। यहां शिक्षामित्रों ने धरना दिया। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सैय्यद जावेद मियां के नेतृत्व में पांच शिक्षामित्रों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस लाइन में राज्यपाल राम नाईक से मिला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से प्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्रों का भविष्य अंधेरे में चला गया है। उनके परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने पांच दिन बाद भी शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान नहीं खोजा। ऐसे में शिक्षामित्रों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। राज्यपाल ने शिक्षामित्रों की पूरी बात सुनने के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है। साथ ही शिक्षामित्रों से किसी भी तरह की हिंसा न करने की अपील की। इस मौके पर हरीश कुमार, कविता सोढ़ी, गुरप्रीत सिंह, राजपाल सिंह मौर्य आदि मौजूद रहे।
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रामपुर। समायोजन रद्द होने के बाद से शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। रविवार को एक बार फिर शिक्षामित्र डायट में गरजे। एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल राम नाईक से भी मिला और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने शिक्षामित्रों को कानून बनाकर सहायक अध्यापक बनाने की मांग की है। राज्यपाल ने भी शिक्षामित्रों को इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पांच दिन पहले शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर निर्णय दिया था। कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने का फैसला सुनाया। इसके बाद से ही प्रदेशभर में शिक्षामित्र आंदोलन पर हैं। रविवार को भी शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी रहा। सुबह से ही शिक्षामित्रों का डायट पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। यहां शिक्षामित्रों ने धरना दिया। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सैय्यद जावेद मियां के नेतृत्व में पांच शिक्षामित्रों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस लाइन में राज्यपाल राम नाईक से मिला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से प्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्रों का भविष्य अंधेरे में चला गया है। उनके परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने पांच दिन बाद भी शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान नहीं खोजा। ऐसे में शिक्षामित्रों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। राज्यपाल ने शिक्षामित्रों की पूरी बात सुनने के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है। साथ ही शिक्षामित्रों से किसी भी तरह की हिंसा न करने की अपील की। इस मौके पर हरीश कुमार, कविता सोढ़ी, गुरप्रीत सिंह, राजपाल सिंह मौर्य आदि मौजूद रहे।
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