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घपलेबाजी में फंसे 27 स्टोन क्रेशर,नोटिस
Updated Mon, 11 Sep 2017 01:28 AM IST
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घपलेबाजी में फंसे 27 स्टोन क्रेशर को नोटिस
रामपुर।
स्टोन क्रेशरों पर खुलेआम मानकों का मखौल बनाया जा रहा है। डीएम और एसपी की छापामारी में स्टोन क्रेशरों पर मनमानी का खुलासा है। कहीं पर सीसीटीवी कैमरे नहीं तो कहीं पर रिकार्ड में घपलेबाजी सामने आई। यह हालात जिले के 27 स्टोन क्रेशरों के हैं। अफसरों की जांच में जिले के 27 स्टोन क्रेशर फंस गए हैं। इन स्टोन क्रेशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने इनको नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर खनन अधिकारी शैलेंद्र मौर्य से भी जवाब तलब किया गया है।
प्रशासन अवैध खनन रोकने के लिए कई कदम उठा रहा है। अवैध खनन में स्टोन क्रेशरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। स्टोन क्रेशरों पर पिछले दिनों डीएम-एसपी ने छापामारी की थी। जिसके बाद घपलेबाजी सामने आई थी। डीएम ने स्टोन क्रेशर की भूमिका की गहन जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके लिए एसडीएम व सीओ को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थीं। इसमें 37 में से 27 स्टोन क्रेशर पर मानकों का खुलेआम उल्लंघन होता पाया गया है। एसडीएम व सीओ की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन अब सख्त हो गया है। कई स्टोन क्रेशर पर सीसीटीवी कैमरे नहीं पाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर बालू व मिटटी से भरी गाड़ियां भी पाई गई। स्टोन क्रेशर के अभिलेख भी आधे अधूरे मिले है। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने 27 स्टोन क्रेशर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीएम ने इस मामले में खनन अधिकारी शैलेंद्र मौर्य की भी लापरवाही पाई है। खनन अधिकारी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उनसे पूछा है कि आखिर अभिलेखों की जांच क्यों नहीं की गई।
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रामपुर।
स्टोन क्रेशरों पर खुलेआम मानकों का मखौल बनाया जा रहा है। डीएम और एसपी की छापामारी में स्टोन क्रेशरों पर मनमानी का खुलासा है। कहीं पर सीसीटीवी कैमरे नहीं तो कहीं पर रिकार्ड में घपलेबाजी सामने आई। यह हालात जिले के 27 स्टोन क्रेशरों के हैं। अफसरों की जांच में जिले के 27 स्टोन क्रेशर फंस गए हैं। इन स्टोन क्रेशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने इनको नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर खनन अधिकारी शैलेंद्र मौर्य से भी जवाब तलब किया गया है।
प्रशासन अवैध खनन रोकने के लिए कई कदम उठा रहा है। अवैध खनन में स्टोन क्रेशरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। स्टोन क्रेशरों पर पिछले दिनों डीएम-एसपी ने छापामारी की थी। जिसके बाद घपलेबाजी सामने आई थी। डीएम ने स्टोन क्रेशर की भूमिका की गहन जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके लिए एसडीएम व सीओ को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थीं। इसमें 37 में से 27 स्टोन क्रेशर पर मानकों का खुलेआम उल्लंघन होता पाया गया है। एसडीएम व सीओ की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन अब सख्त हो गया है। कई स्टोन क्रेशर पर सीसीटीवी कैमरे नहीं पाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर बालू व मिटटी से भरी गाड़ियां भी पाई गई। स्टोन क्रेशर के अभिलेख भी आधे अधूरे मिले है। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने 27 स्टोन क्रेशर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीएम ने इस मामले में खनन अधिकारी शैलेंद्र मौर्य की भी लापरवाही पाई है। खनन अधिकारी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उनसे पूछा है कि आखिर अभिलेखों की जांच क्यों नहीं की गई।
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