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हाईवे पर गन्ने की होली जलाकर जताधा विरोध
Updated Sun, 28 Oct 2018 11:50 PM IST
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भोट। बकाया गन्ना भुगतान कराने और चीनी मिलों में समय से पेराई शुरू कराने को लेकर किसानों ने हाईवे में गन्ने की होली तथा चीनी मिल एसोसिएशन का पुतला फूंक कर विरोध जताया। साथ ही एक नवंबर से चीनी मिलें चालू न होने पर जिले की सभी तहसील मुख्यालयों में प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी।
रविवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन अंबावता के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी के नेतृत्व में क्षेत्र के किसान संकरा गांव में एकत्र हुए व एक बैठक का आयोजन किया। मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए हनीफ वारसी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ही चीनी मिल मालिकों के आगे झुके हुए हैं। गन्ना किसान अपने आप को आजाद नहीं मान रहे हैं। सत्ताधारी नेता किसान हित में बयान नहीं दे रहे हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में ऐसे नेताओं को किसानों द्वारा सबक सिखाया जाएगा। वहीं सत्ताधारी नेताओं पर खनन माफियां से मिली भगत का आरोप लगाते हुए किसानों की फसल को रौंदने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा खनन माफिया के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान भी किया और चेतावनी दी कि अगर किसानों की जमीनों से खनन माफिया द्वारा जबरन वाहन निकाले तो वाहनों को घेर कर आग के हवाले कर दिया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। संगठन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ दी है, और किसानों की खराब हुई फसलों का सर्वे तक नहीं कराया गया है। किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है, इस कारण किसानों के त्योहार भी फीके पड़ रहे हैं। इसके बाद किसान प्रदेश सरकार व चीनी मिल एसोसिएशन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाइवे पर आ गए और प्रदर्शन कर मिल एसोसिएशन के पुतले को आग के हवाले कर दिया तथा गन्ने की होली जलाई। प्रदर्शन करने वालों में रईस अहमद, श्याम मोहन पांडे, मुजफ्फर अली, जसवंत सिंह यादव, वाहिद खां, जितिन शर्मा, आसिम रजा, जाकिर वारसी, आले हसन, नजाकत अली आदि मौजूद रहे।
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रविवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन अंबावता के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी के नेतृत्व में क्षेत्र के किसान संकरा गांव में एकत्र हुए व एक बैठक का आयोजन किया। मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए हनीफ वारसी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ही चीनी मिल मालिकों के आगे झुके हुए हैं। गन्ना किसान अपने आप को आजाद नहीं मान रहे हैं। सत्ताधारी नेता किसान हित में बयान नहीं दे रहे हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में ऐसे नेताओं को किसानों द्वारा सबक सिखाया जाएगा। वहीं सत्ताधारी नेताओं पर खनन माफियां से मिली भगत का आरोप लगाते हुए किसानों की फसल को रौंदने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा खनन माफिया के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान भी किया और चेतावनी दी कि अगर किसानों की जमीनों से खनन माफिया द्वारा जबरन वाहन निकाले तो वाहनों को घेर कर आग के हवाले कर दिया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। संगठन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ दी है, और किसानों की खराब हुई फसलों का सर्वे तक नहीं कराया गया है। किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है, इस कारण किसानों के त्योहार भी फीके पड़ रहे हैं। इसके बाद किसान प्रदेश सरकार व चीनी मिल एसोसिएशन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाइवे पर आ गए और प्रदर्शन कर मिल एसोसिएशन के पुतले को आग के हवाले कर दिया तथा गन्ने की होली जलाई। प्रदर्शन करने वालों में रईस अहमद, श्याम मोहन पांडे, मुजफ्फर अली, जसवंत सिंह यादव, वाहिद खां, जितिन शर्मा, आसिम रजा, जाकिर वारसी, आले हसन, नजाकत अली आदि मौजूद रहे।
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