{"_id":"595a6a644f1c1b71538b46b3","slug":"151499097700-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"2007 की बीपीएल सूचि में दर्शाया 2010 का धारक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2007 की बीपीएल सूचि में दर्शाया 2010 का धारक
Updated Mon, 03 Jul 2017 09:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर।
ग्रामीण क्षेत्र की पंचायतों में गरीब तबके के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने जहां विभिन्न योजनाएं चलाई हैं, वहीं कई पंचायतों में जन प्रतिनिधियों की मनमानी के चलते पात्र लोगों को इन योजनाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। प्रधान, सचिवों की नाकामी के चलते गरीब लोगों को गुजर बसर करने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला रामपुर खंड की लबाना सदाना पंचायत में पेश आया है जहां पात्र उम्मीदवार को दरकिनार कर अन्य लोगों को फायदा पहुंचाने का कार्य चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि रामपुर खंड की लबाना सदाना पंचायत के मोलगी गांव में पुरशोत्तम दास पुत्र सिंबरू का नाम वर्ष 2010 में बीपीएल सूचि में डाला गया था, लेकिन पंचायत रिकॉर्ड में इस व्यक्ति का नाम वर्ष 2007 से दर्ज किया गया है। इस वर्ष अप्रैल माह में इस पात्र व्यक्ति को बीपीएल सूची से बाहर कर किसी अन्य व्यक्ति का नाम डाला गया है।
गौर हो कि वर्ष 2007 में पुरशोत्तम दास लोक निर्माण विभाग में नौकरी पर लगा था। इसके बाद उसे वर्ष 2008 में नौकरी से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उपायुक्त और बीडीओ कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद पुरषोत्तम ने वर्ष 2010 में बीपीएल सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था। जनप्रतिनिधियों की मनमानी के चलते पुरशोत्तम को कोई लाभ नहीं मिल पाया। वर्ष 2014 में उक्त व्यक्ति के लिए मुर्गा शेड की अनुमति दी गई, लेकिन शेड की सेंक्शन मिलने बाद में उसे इसका लाभ नहीं मिल पाया। इस संदर्भ में पुरशोत्तम दास ने एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल और विकास खंड अधिकारी प्रताप चौहान से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
विकास खंड अधिकारी प्रताप चौहान ने कहा कि उक्त मामले की गहनता से छानबीन की जाएगी। उक्त व्यक्ति का नाम बीपीएल सूची में 16 जुलाई को होने वाली ग्राम सभा में डाल दिया जाएगा।
विज्ञापन
रामपुर बुशहर।
ग्रामीण क्षेत्र की पंचायतों में गरीब तबके के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने जहां विभिन्न योजनाएं चलाई हैं, वहीं कई पंचायतों में जन प्रतिनिधियों की मनमानी के चलते पात्र लोगों को इन योजनाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। प्रधान, सचिवों की नाकामी के चलते गरीब लोगों को गुजर बसर करने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला रामपुर खंड की लबाना सदाना पंचायत में पेश आया है जहां पात्र उम्मीदवार को दरकिनार कर अन्य लोगों को फायदा पहुंचाने का कार्य चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि रामपुर खंड की लबाना सदाना पंचायत के मोलगी गांव में पुरशोत्तम दास पुत्र सिंबरू का नाम वर्ष 2010 में बीपीएल सूचि में डाला गया था, लेकिन पंचायत रिकॉर्ड में इस व्यक्ति का नाम वर्ष 2007 से दर्ज किया गया है। इस वर्ष अप्रैल माह में इस पात्र व्यक्ति को बीपीएल सूची से बाहर कर किसी अन्य व्यक्ति का नाम डाला गया है।
विज्ञापन
गौर हो कि वर्ष 2007 में पुरशोत्तम दास लोक निर्माण विभाग में नौकरी पर लगा था। इसके बाद उसे वर्ष 2008 में नौकरी से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उपायुक्त और बीडीओ कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद पुरषोत्तम ने वर्ष 2010 में बीपीएल सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था। जनप्रतिनिधियों की मनमानी के चलते पुरशोत्तम को कोई लाभ नहीं मिल पाया। वर्ष 2014 में उक्त व्यक्ति के लिए मुर्गा शेड की अनुमति दी गई, लेकिन शेड की सेंक्शन मिलने बाद में उसे इसका लाभ नहीं मिल पाया। इस संदर्भ में पुरशोत्तम दास ने एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल और विकास खंड अधिकारी प्रताप चौहान से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
विकास खंड अधिकारी प्रताप चौहान ने कहा कि उक्त मामले की गहनता से छानबीन की जाएगी। उक्त व्यक्ति का नाम बीपीएल सूची में 16 जुलाई को होने वाली ग्राम सभा में डाल दिया जाएगा।