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बीडीओ कार्यालय के बाहर गरजे किसान
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:20 PM IST
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ब्रौ (रामपुर बुशहर)।
मनरेगा कार्य संबंधी समस्याओं को लेकर किसान सभा ने बुधवार को निरमंड में बीडीओ कार्यालय का घेराव किया। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। बीडीओ निरमंड को ज्ञापन भी सौंपा। किसानों ने समय रहते मनरेगा के तहत आ रही समस्याओं को दूर करने की मांग की। सभा के जिला शिमला महासचिव देवकी नंद, जिला परिषद सदस्य लोकेंद्र, निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर और सह सचिव जगदीश ने किसानों और बागवानों को संबोधित किया।
सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिया जाए। साथ ही मजदूरी का भुगतान मनरेगा अधिनियम 2005 के तहत 15 दिनों के अंदर बैंक खाते में किया जाए। मनरेगा मजदूरों को पक्की रसीद और जॉबकार्ड दिए जाएं। मनरेगा में चल रहे कार्यों के दौरान विभाग के तकनीकी सहायक और कनिष्ठ अभियंता को साइटों पर भेजा जाए। मजदूरों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। सभा के जिला परिषद सदस्य लोकेंद्र ने कहा कि मनरेगा के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएं। साथ ही उन्होंने मनरेगा कानून के तहत मजदूरों को चिकित्सा सुविधा देने की मांग की। इस दौरान परस राम, पूने राम, कुमत राम, चमल लाल, पदम, दोलत राम, श्याम सिंह, प्रीतम सिंह, रूप सिंह, गंगा राम, संगत राम, चरण दास, फूला देवी, सूरत राम, नोया राम, कमला देवी, मनिशा देवी, नोरमा देवी, जिया लाल, सुलोचना, कांता, उमा, आशा, आरती और रेसमू देवी के अलावा कई अन्य किसान-बागवान मौजूद रहे।
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मनरेगा कार्य संबंधी समस्याओं को लेकर किसान सभा ने बुधवार को निरमंड में बीडीओ कार्यालय का घेराव किया। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। बीडीओ निरमंड को ज्ञापन भी सौंपा। किसानों ने समय रहते मनरेगा के तहत आ रही समस्याओं को दूर करने की मांग की। सभा के जिला शिमला महासचिव देवकी नंद, जिला परिषद सदस्य लोकेंद्र, निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर और सह सचिव जगदीश ने किसानों और बागवानों को संबोधित किया।
सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिया जाए। साथ ही मजदूरी का भुगतान मनरेगा अधिनियम 2005 के तहत 15 दिनों के अंदर बैंक खाते में किया जाए। मनरेगा मजदूरों को पक्की रसीद और जॉबकार्ड दिए जाएं। मनरेगा में चल रहे कार्यों के दौरान विभाग के तकनीकी सहायक और कनिष्ठ अभियंता को साइटों पर भेजा जाए। मजदूरों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। सभा के जिला परिषद सदस्य लोकेंद्र ने कहा कि मनरेगा के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएं। साथ ही उन्होंने मनरेगा कानून के तहत मजदूरों को चिकित्सा सुविधा देने की मांग की। इस दौरान परस राम, पूने राम, कुमत राम, चमल लाल, पदम, दोलत राम, श्याम सिंह, प्रीतम सिंह, रूप सिंह, गंगा राम, संगत राम, चरण दास, फूला देवी, सूरत राम, नोया राम, कमला देवी, मनिशा देवी, नोरमा देवी, जिया लाल, सुलोचना, कांता, उमा, आशा, आरती और रेसमू देवी के अलावा कई अन्य किसान-बागवान मौजूद रहे।
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