{"_id":"62225716465f2b7fe928f83c","slug":"ukrain-blast-raibaraily-news-lko620359978","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलार्म बजा और थोड़ी देर में ही बम से उड़ गया एयरपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलार्म बजा और थोड़ी देर में ही बम से उड़ गया एयरपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली।...यूक्रेन पर रूस ने 24 फरवरी को हमला बोल दिया था। सायरन बजते ही कुछ ही पलों मेें युवानो फैंकीज शहर का एयरपोर्ट बम से उड़ गया।
पूरे शहर के हालात इतने खराब हो गए थे कि कोई घर से बाहर नहीं निकल पा रहा था। ऐसा लग रहा था कि मानो जिंदगी ठहर सी गई है।
सूझ नहीं रहा था कि अब क्या करूं। दूसरे दिन कुछ देर के लिए शहर से बाहर निकला और खाने-पीने का सामान खरीद लिया। इसके बाद हम और हमारे साथियों ने किराए पर बस ली और रोमानिया बॉर्डर की तरफ निकले।
रोमानिया बार्डर पर अफरातफरी का माहौल था। तापमान माइनस में चल रहा है। ठंड के कारण छात्रों की तबीयत भी खराब हो रही थी।
हर कोई अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था। सेना के जवान एक-एक करके सभी को बार्डर पार करा रहे थे। यूक्रेन से सकुशल लौटे मेडिकल छात्र बिलाल खान ने वहां का मंजर बयां किया तो रोंगटे खड़े हो गए।
शहर क्षेत्र के बरईपुर निवासी बिलाल खान यूवानो फैंकीज शहर स्थित यूवानो फैंकीज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था। बेटे के सकुशल घर पहुंचने पर पिता एजाजुल हसन, मां खालिदा बेगम ने खुशी जताई और भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया।
विज्ञापन
बिलाल ने बताया कि यूूक्रेन के हालात बहुत खराब हैं। वहां पर सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि यूक्रेन के लोग भी जिंदगी बचाने के लिए रोमानिया, पोलैंड आदि शहरों की तरफ भाग रहे हैं।
वहां पर कोई किसी की बात सुनने वाला नहीं है। एयरपोर्ट पर धमाके के बाद हम लोगों ने दो दिन में ही यूक्रेन छोड़ दिया था। रोमानिया पहुंचने के बाद भारत सरकार की मदद से अपने घर पहुंचा।
ऊपर वाले का शुक्र, सकुशल लौट आई घर
शहर के इंदिरा नगर निवासी रचना और उसकी छोटी बहन स्वाती यूूक्रेन के टर्नोपिल शहर स्थित टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा हैं। रचना ने बताया कि यूक्रेन में हर तरफ तबाही दिख है। हम लोग बहुत घबराए हुए थे। भारत सरकार की मदद से हमें रोमानिया ले जाया गया और फिर वहां से भारत लाया गया।
ऊपर वाले का शुक्र है कि हम सकुशल अपने घर लौट आए। दोनों बेटियों के घर पहुंचने पर पिता राज नारायण वर्मा, मां सुनीता वर्मा ने खुशी जताई। उधर, मिल एरिया क्षेत्र के अमावां का रहने वाला रेहान अहमद भी यूक्रेन से सकुशल घर पहुंचा तो परिवारीजनों ने खुशी जताई।
विज्ञापन
पूरे शहर के हालात इतने खराब हो गए थे कि कोई घर से बाहर नहीं निकल पा रहा था। ऐसा लग रहा था कि मानो जिंदगी ठहर सी गई है।
सूझ नहीं रहा था कि अब क्या करूं। दूसरे दिन कुछ देर के लिए शहर से बाहर निकला और खाने-पीने का सामान खरीद लिया। इसके बाद हम और हमारे साथियों ने किराए पर बस ली और रोमानिया बॉर्डर की तरफ निकले।
रोमानिया बार्डर पर अफरातफरी का माहौल था। तापमान माइनस में चल रहा है। ठंड के कारण छात्रों की तबीयत भी खराब हो रही थी।
हर कोई अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था। सेना के जवान एक-एक करके सभी को बार्डर पार करा रहे थे। यूक्रेन से सकुशल लौटे मेडिकल छात्र बिलाल खान ने वहां का मंजर बयां किया तो रोंगटे खड़े हो गए।
विज्ञापन
शहर क्षेत्र के बरईपुर निवासी बिलाल खान यूवानो फैंकीज शहर स्थित यूवानो फैंकीज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था। बेटे के सकुशल घर पहुंचने पर पिता एजाजुल हसन, मां खालिदा बेगम ने खुशी जताई और भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया।
विज्ञापन
बिलाल ने बताया कि यूूक्रेन के हालात बहुत खराब हैं। वहां पर सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि यूक्रेन के लोग भी जिंदगी बचाने के लिए रोमानिया, पोलैंड आदि शहरों की तरफ भाग रहे हैं।
वहां पर कोई किसी की बात सुनने वाला नहीं है। एयरपोर्ट पर धमाके के बाद हम लोगों ने दो दिन में ही यूक्रेन छोड़ दिया था। रोमानिया पहुंचने के बाद भारत सरकार की मदद से अपने घर पहुंचा।
ऊपर वाले का शुक्र, सकुशल लौट आई घर
शहर के इंदिरा नगर निवासी रचना और उसकी छोटी बहन स्वाती यूूक्रेन के टर्नोपिल शहर स्थित टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा हैं। रचना ने बताया कि यूक्रेन में हर तरफ तबाही दिख है। हम लोग बहुत घबराए हुए थे। भारत सरकार की मदद से हमें रोमानिया ले जाया गया और फिर वहां से भारत लाया गया।
ऊपर वाले का शुक्र है कि हम सकुशल अपने घर लौट आए। दोनों बेटियों के घर पहुंचने पर पिता राज नारायण वर्मा, मां सुनीता वर्मा ने खुशी जताई। उधर, मिल एरिया क्षेत्र के अमावां का रहने वाला रेहान अहमद भी यूक्रेन से सकुशल घर पहुंचा तो परिवारीजनों ने खुशी जताई।