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चड़रई टोल पर रुकिए, शुल्क दीजिए, पर सुविधा की उम्मीद मत करिए
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चडरई चौराहे पर बना टोल प्लाजा।
- फोटो : RAIBARAILY
ऊंचाहार (रायबरेली)। लखनऊ-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर चड़रई चौराहे के पास बने टोल बूथ पर लोग शुल्क तो देते हैं पर उन्हें सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलता।
यहां की सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बूथ पर न तो रिकवरी वैन है न ही एंबुलेंस की सुविधा। आपात स्थिति में टोल से कोई मदद न मिलने से लोगों में नाराजगी है।
नेशनल हाइवे पर बने टोल प्लाजा से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बूथ पर टैक्स देने वाले वाहन स्वामियों को गड्ढामुक्त सड़क, दुघर्टना के समय इमरजेंसी सेवाएं, रिकवरी वैन, शौचालय आदि की सुविधाएं मिलती हैं। चड़रई टोल प्लाजा पर इसकी उम्मीद करना बेमानी है।
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लखनऊ-प्रयागराज नेशनल हाईवे जगह-जगह गड्ढों में तब्दील है। रोजाना जज, मंत्री, प्रमुख सचिवों व जिले के आला अधिकारियों का आवागमन इसी मार्ग से होता है।
इसके बावजूद की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। किसी दुर्घटना की सूचना के बावजूद टोल की ओर से कोई सुविधा नहीं मिलती है। टोल पर न एंबुलेंस है न ही रिकवरी वैन है। रात में टोल कर्मी पेट्रोलिंग भी नहीं करते हैं।
गड्ढों वाली सड़क पर सफर करना पड़ रहा
टोल टैक्स देने के बावजूद सुविधा न मिलने से क्षेत्र के वाहन स्वामियों में नाराजगी है। कमोली के आरिश नकवी, उमरन गांव के रंजीत सिंह, कोटिया चित्रा के प्रधान नरेंद्र यादव व नीरज सिंह ने बताया कि आए दिन रायबरेली व लखनऊ काम के सिलसिले में जाना-आना पड़ता है। टोल देने के बावजूद गड्ढों वाली सड़क में सफर करना पड़ रहा है। पूरे बाबा, जिंगना, जगतपुर व नवाबगंज के पास सड़क का हाल बेहाल है। इस रोड पर यात्रा करते समय सड़क दुघर्टना का खतरा बना रहता है। सुविधा के नाम पर टोल प्लाजा पर कुछ भी नहीं है।
सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। रिकवरी वैन एनएचआई से नही मिली है। शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। और जो सुविधाएं होनी चाहिए, वह लोगों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
- रंजीत यादव, मैनेजर, टोल प्लाजा चड़रई
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यहां की सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बूथ पर न तो रिकवरी वैन है न ही एंबुलेंस की सुविधा। आपात स्थिति में टोल से कोई मदद न मिलने से लोगों में नाराजगी है।
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नेशनल हाइवे पर बने टोल प्लाजा से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बूथ पर टैक्स देने वाले वाहन स्वामियों को गड्ढामुक्त सड़क, दुघर्टना के समय इमरजेंसी सेवाएं, रिकवरी वैन, शौचालय आदि की सुविधाएं मिलती हैं। चड़रई टोल प्लाजा पर इसकी उम्मीद करना बेमानी है।
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लखनऊ-प्रयागराज नेशनल हाईवे जगह-जगह गड्ढों में तब्दील है। रोजाना जज, मंत्री, प्रमुख सचिवों व जिले के आला अधिकारियों का आवागमन इसी मार्ग से होता है।
इसके बावजूद की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। किसी दुर्घटना की सूचना के बावजूद टोल की ओर से कोई सुविधा नहीं मिलती है। टोल पर न एंबुलेंस है न ही रिकवरी वैन है। रात में टोल कर्मी पेट्रोलिंग भी नहीं करते हैं।
गड्ढों वाली सड़क पर सफर करना पड़ रहा
टोल टैक्स देने के बावजूद सुविधा न मिलने से क्षेत्र के वाहन स्वामियों में नाराजगी है। कमोली के आरिश नकवी, उमरन गांव के रंजीत सिंह, कोटिया चित्रा के प्रधान नरेंद्र यादव व नीरज सिंह ने बताया कि आए दिन रायबरेली व लखनऊ काम के सिलसिले में जाना-आना पड़ता है। टोल देने के बावजूद गड्ढों वाली सड़क में सफर करना पड़ रहा है। पूरे बाबा, जिंगना, जगतपुर व नवाबगंज के पास सड़क का हाल बेहाल है। इस रोड पर यात्रा करते समय सड़क दुघर्टना का खतरा बना रहता है। सुविधा के नाम पर टोल प्लाजा पर कुछ भी नहीं है।
सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। रिकवरी वैन एनएचआई से नही मिली है। शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। और जो सुविधाएं होनी चाहिए, वह लोगों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
- रंजीत यादव, मैनेजर, टोल प्लाजा चड़रई