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Raebareli News: बारिश ने धोईं उम्मीदें... खेत में बिछी फसल
Mon, 28 Sep 2026 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:51 AM IST
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महराजगंज क्षेत्र के कुसुढ़ी सागरपुर गांव के पास बारिश व तेज हवा चलने से गिरी धान की फसल को देखत
रायबरेली। पिछले तीन दिन हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल तेज हवा से जमीन पर बिछ गई है। जलभराव होने से धान के दाने काले पड़ने और फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है।किसानों के अनुसार, धान की 25 फीसदी से अधिक फसल के नुकसान होने का अनुमान है। उड़द, तिल की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
जिले में इस बार एक लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई है। महराजगंज, बछरावां, हरचंदपुर, जगतपुर, ऊंचाहार, अमावां ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक धान की फसल की रोपाई की जाती है। यहां के किसान अगैती धान की फसल की रोपाई करते हैं। तीन दिन से हो रही बारिश धान की फसल पर आफत बनकर आई। बारिश से धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
महराजगंज तहसील क्षेत्र के कुसुढ़ी सागरपुर गांव के किसान राज बहादुर, शिव किशोर, रामसमझ बताते हैं कि धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। फसल पक चुकी थी। इससे बहुत नुकसान हुआ है। जिन खेतों में पानी भर गया है। आगे बारिश हुई तो फसल सड़ने के कगार पर पहुंच जाएगी। इससे बालियां जमीन से लगने के कारण फसल की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
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उड़द और तिल की फसल खेतों में अधिक नमी और पानी जमा होने से प्रभावित हो रही है। किसानों के अनुसार उड़द और तिल की फसल तैयार होने की स्थिति में है। ऐसे में बारिश से फसल को नुकसान होने की चिंता बनी हुई है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले के कुछ हिस्सों में हवा चलने व बारिश होने से धान की फसल को नुकसान हुआ है। फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। मुआवजा दिलाया जाएगा।
जलभराव से लोग परेशान
चौथे दिन रविवार को बारिश थम तो गई, लेकिन जलभराव से लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। शहर के नया पुरवा, सोनिया नगर, गल्ला मंडी, आजाद नगर, फातिमा नगर में जलभराव रहा। दिनेश यादव, संतराम वर्मा ने बताया कि बारिश के कारण घर व सड़क पर पानी भरा है। इससे आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ईओ स्वर्ण सिंह ने बताया कि जलकल विभाग की टीम को मौके पर भेजकर पानी की निकासी करा दी गई है। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में भी जलभराव से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में इस बार एक लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई है। महराजगंज, बछरावां, हरचंदपुर, जगतपुर, ऊंचाहार, अमावां ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक धान की फसल की रोपाई की जाती है। यहां के किसान अगैती धान की फसल की रोपाई करते हैं। तीन दिन से हो रही बारिश धान की फसल पर आफत बनकर आई। बारिश से धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
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महराजगंज तहसील क्षेत्र के कुसुढ़ी सागरपुर गांव के किसान राज बहादुर, शिव किशोर, रामसमझ बताते हैं कि धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। फसल पक चुकी थी। इससे बहुत नुकसान हुआ है। जिन खेतों में पानी भर गया है। आगे बारिश हुई तो फसल सड़ने के कगार पर पहुंच जाएगी। इससे बालियां जमीन से लगने के कारण फसल की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
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उड़द और तिल की फसल खेतों में अधिक नमी और पानी जमा होने से प्रभावित हो रही है। किसानों के अनुसार उड़द और तिल की फसल तैयार होने की स्थिति में है। ऐसे में बारिश से फसल को नुकसान होने की चिंता बनी हुई है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले के कुछ हिस्सों में हवा चलने व बारिश होने से धान की फसल को नुकसान हुआ है। फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। मुआवजा दिलाया जाएगा।
जलभराव से लोग परेशान
चौथे दिन रविवार को बारिश थम तो गई, लेकिन जलभराव से लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। शहर के नया पुरवा, सोनिया नगर, गल्ला मंडी, आजाद नगर, फातिमा नगर में जलभराव रहा। दिनेश यादव, संतराम वर्मा ने बताया कि बारिश के कारण घर व सड़क पर पानी भरा है। इससे आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ईओ स्वर्ण सिंह ने बताया कि जलकल विभाग की टीम को मौके पर भेजकर पानी की निकासी करा दी गई है। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में भी जलभराव से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।