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स्वास्थ्य विभाग में 15 दिन में हुए आदेशों की होगी जांच, डीएम ने दिए आदेश
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रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में बैकडेट में आदेश जारी करने की मंशा पर सीएमओ के रिटायर्ड होते ही डिस्पैच रजिस्टर के लापता होने के मामले को डीएम ने 15 से 30 सितंबर के बीच जारी किए गए आदेशों की पड़ताल कराने के आदेश दिए हैं।
साथ ही सीएमओ के रिटायर्ड होते ही लगातार 15 दिन तक छुट्टी लेने वाले डिस्पैच बाबू पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। खास बात यह कि नए सीएमओ के जॉइन करने के बाद उन्हें नया डिस्पैच रजिस्टर दिया गया था।
पूर्व सीएमओ डॉ. डीके सिंह 30 सितंबर को रिटायर्ड हो गए थे। हालांकि अब तक उन्होंने सरकारी आवास नही छोड़ा है। नए सीएमओ को जिला अस्पताल में ही रहना पड़ रहा है।
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यही नहीं सरकारी गाड़ी और ईधन व अन्य सुविधाएं भी विभाग की ओर से पुराने सीएमओ को देने के मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित किया था। चर्चा है कि सीएमओ ने रिटायर्ड होते ही डिस्पैच रजिस्टर ही बदलवा दिया है।
साथ ही डिस्पैच बाबू के छुट्टी पर चले जाने के बाद मामला और भी गरमा गया। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच के साथ ही 15 से 30 सितंबर के बीच किए गए आदेशों की जांच के आदेश भी दिए हैं।
सीएमओ डॉ. शरद कुमार वर्मा का कहना है कि उनके आने के बाद नया डिस्पैच रजिस्टर ही मिला था। जिला अधिकारी नेहा शर्मा ने सीएमओ कार्यालय में डिस्पैच रजिस्टर बदले जाने की जानकारी मिली है।
इसी कारण 15 से 30 सितंबर के बीच जारी किए गए आदेशों की जांच कराई जाएगी। डिस्पैच रजिस्टर को भी चेक कराया जाएगा। संबंधित बाबू से भी मामले में जवाब मांगा जाएगा। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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साथ ही सीएमओ के रिटायर्ड होते ही लगातार 15 दिन तक छुट्टी लेने वाले डिस्पैच बाबू पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। खास बात यह कि नए सीएमओ के जॉइन करने के बाद उन्हें नया डिस्पैच रजिस्टर दिया गया था।
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पूर्व सीएमओ डॉ. डीके सिंह 30 सितंबर को रिटायर्ड हो गए थे। हालांकि अब तक उन्होंने सरकारी आवास नही छोड़ा है। नए सीएमओ को जिला अस्पताल में ही रहना पड़ रहा है।
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यही नहीं सरकारी गाड़ी और ईधन व अन्य सुविधाएं भी विभाग की ओर से पुराने सीएमओ को देने के मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित किया था। चर्चा है कि सीएमओ ने रिटायर्ड होते ही डिस्पैच रजिस्टर ही बदलवा दिया है।
साथ ही डिस्पैच बाबू के छुट्टी पर चले जाने के बाद मामला और भी गरमा गया। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच के साथ ही 15 से 30 सितंबर के बीच किए गए आदेशों की जांच के आदेश भी दिए हैं।
सीएमओ डॉ. शरद कुमार वर्मा का कहना है कि उनके आने के बाद नया डिस्पैच रजिस्टर ही मिला था। जिला अधिकारी नेहा शर्मा ने सीएमओ कार्यालय में डिस्पैच रजिस्टर बदले जाने की जानकारी मिली है।
इसी कारण 15 से 30 सितंबर के बीच जारी किए गए आदेशों की जांच कराई जाएगी। डिस्पैच रजिस्टर को भी चेक कराया जाएगा। संबंधित बाबू से भी मामले में जवाब मांगा जाएगा। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।