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सूची से नाम कटने से खफा ग्रामीणों ने एसडीएम को घेरा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2015 11:44 PM IST
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एसडीएम ने सभी को समझा-बुझाकर शांत कराया। कहा कि यदि ग्राम प्रधान के चुनाव में मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं किए गए तो तहसील में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस विधायक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि डीडीसी और बीडीसी के चुनाव में बहुत से ग्रामीण मतदान करने से वंचित रह गए हैं।
यह समस्या हर गांव की है। बीएलओ, ग्राम प्रधान और तहसील अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा हुआ है। श्रीपाल, रेहान खां, चोधरी सउद ने बताया कि कोटवा, भदसाना, उसरहा, वतिया, रस्तामऊ, रुकुनपुर, तिलोई, पाकर गांव, इन्हौना, राजाफत्तेपुर, राजापुर हलीम, पूरे डूंडी सहित अन्य गांवों में मनमानी की गई है।
जो लोग जिंदा हैं, उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। सभी ने कहा कि यदि ग्राम प्रधान के चुनाव में उनके नाम मतदाता सूची में नहीं शामिल किए गए तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कहा कि ग्रामीणों की समस्या चुनाव आयोग तक पहुंचाई जाएगी। जो दिशा निर्देश मिलेंगे, उसी अनुसार कार्य किया जाएगा।
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कांग्रेस विधायक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि डीडीसी और बीडीसी के चुनाव में बहुत से ग्रामीण मतदान करने से वंचित रह गए हैं।
यह समस्या हर गांव की है। बीएलओ, ग्राम प्रधान और तहसील अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा हुआ है। श्रीपाल, रेहान खां, चोधरी सउद ने बताया कि कोटवा, भदसाना, उसरहा, वतिया, रस्तामऊ, रुकुनपुर, तिलोई, पाकर गांव, इन्हौना, राजाफत्तेपुर, राजापुर हलीम, पूरे डूंडी सहित अन्य गांवों में मनमानी की गई है।
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जो लोग जिंदा हैं, उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। सभी ने कहा कि यदि ग्राम प्रधान के चुनाव में उनके नाम मतदाता सूची में नहीं शामिल किए गए तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कहा कि ग्रामीणों की समस्या चुनाव आयोग तक पहुंचाई जाएगी। जो दिशा निर्देश मिलेंगे, उसी अनुसार कार्य किया जाएगा।