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पावर कॉर्पोरेशन कर्मियों की लापरवाही से किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Thu, 05 May 2016 11:54 PM IST
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रायबरेली में डीह गांव स्थित खेत में इसी तार की चपेट में आने से किसान की हुई मौत व लगी ग्रामीणों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
डीह थाना क्षेत्र में गुरुवार को गजराज का पुरवा मजरे डीह में पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों की लापरवाही से एक किसान की जान चली गई। वह तड़के खेत जाने के लिए घर से निकला था। गांव के पास टूटे पड़े बिजली के तार से उसे करंट लग गया, जिससे उसने मौके पर दम तोड़ दिया।
पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। मृतक के चचेरे भाई ने कॉर्पोरेशन के जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हादसे से ग्रामीणों में नाराजगी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गजराज का पुरवा मजरे डीह गांव के पास से पावर कॉर्पोरेशन की एचटी लाइन गुजरी है। बताते हैं कि तीन-चार दिन पहले बिजली का एक तार टूट कर गिर गया था। सूचना पर पहुंचे कॉर्पोरेशन के कर्मचारी ने तार को फिर से जोड़ने की बजाय उसे बिजली के खंभे से लपेट चले गए थे।
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गुरुवार सुबह इस लाइन में करंट उतर आया। गांव निवासी किसान अयोध्या प्रसाद (50) सुबह करीब चार बजे खेत जाने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान वह टूटे बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ देर बाद ग्रामीण उधर से गुजरे तो किसान का जला हुआ शव पड़ा मिला। इससे हड़कंप मच गया। थानेदार पवन त्रिवेदी ने मौके पर पहुंच कर छानबीन के बाद शव कब्जे में लिया। सलोन एसडीएम मोतीलाल यादव, तहसीलदार संगमलाल गुप्ता, कॉर्पोरेशन के एसडीओ प्रशांत गुप्ता और जेई जीशान अहमद भी मौके पर पहुंचे।
एसओ ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई हेमराज ने जेई जीशान अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। घटना से गांव के लोगों में पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अफसरों का मातहतों पर कोई अंकुश नहीं रह गया है।
कर्मचारियों की छोटी-बड़ी लापरवाहियों पर अफसर पर्दा डालने में जुटे रहते हैं। लापरवाह कर्मचारियों पर अफसरों की मेहरबानी का ही नतीजा रहा कि अयोध्या की जान गई। यदि कर्मचारियों तत्काल टूटे तार सही तरीके से जोड़ दिया होता तो घटना न होती, लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई।
पावर कॉर्पोरेशन के जेई जिशान अहमद का कहना है कि बिजली के जिस तार से यह घटना हुई, वह लाइन डेड थी। इसमें करंट कैसे आया, यह जांच का विषय है। हो सकता है तेज हवा के झोकें से दूसरी लाइन से संपर्क में आने की वजह ऐसा हुआ हो।
फिलहाल मृतक के परिवारीजनों को तत्काल 20 हजार रुपये की मदद दिलाई गई है। जांच के बाद विभाग की ओर से और आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। वहीं एसडीएम सलोन मोती लाल यादव ने बताया कि बिजली के तार से करंट लगने से किसान की मौत हो गई है।
यह घटना काफी दुखद है। मामले की जांच तो पुलिस कर ही रही है। शोक संतृप्त परिवारीजनों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
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पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। मृतक के चचेरे भाई ने कॉर्पोरेशन के जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हादसे से ग्रामीणों में नाराजगी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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गजराज का पुरवा मजरे डीह गांव के पास से पावर कॉर्पोरेशन की एचटी लाइन गुजरी है। बताते हैं कि तीन-चार दिन पहले बिजली का एक तार टूट कर गिर गया था। सूचना पर पहुंचे कॉर्पोरेशन के कर्मचारी ने तार को फिर से जोड़ने की बजाय उसे बिजली के खंभे से लपेट चले गए थे।
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गुरुवार सुबह इस लाइन में करंट उतर आया। गांव निवासी किसान अयोध्या प्रसाद (50) सुबह करीब चार बजे खेत जाने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान वह टूटे बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ देर बाद ग्रामीण उधर से गुजरे तो किसान का जला हुआ शव पड़ा मिला। इससे हड़कंप मच गया। थानेदार पवन त्रिवेदी ने मौके पर पहुंच कर छानबीन के बाद शव कब्जे में लिया। सलोन एसडीएम मोतीलाल यादव, तहसीलदार संगमलाल गुप्ता, कॉर्पोरेशन के एसडीओ प्रशांत गुप्ता और जेई जीशान अहमद भी मौके पर पहुंचे।
एसओ ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई हेमराज ने जेई जीशान अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। घटना से गांव के लोगों में पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अफसरों का मातहतों पर कोई अंकुश नहीं रह गया है।
कर्मचारियों की छोटी-बड़ी लापरवाहियों पर अफसर पर्दा डालने में जुटे रहते हैं। लापरवाह कर्मचारियों पर अफसरों की मेहरबानी का ही नतीजा रहा कि अयोध्या की जान गई। यदि कर्मचारियों तत्काल टूटे तार सही तरीके से जोड़ दिया होता तो घटना न होती, लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई।
पावर कॉर्पोरेशन के जेई जिशान अहमद का कहना है कि बिजली के जिस तार से यह घटना हुई, वह लाइन डेड थी। इसमें करंट कैसे आया, यह जांच का विषय है। हो सकता है तेज हवा के झोकें से दूसरी लाइन से संपर्क में आने की वजह ऐसा हुआ हो।
फिलहाल मृतक के परिवारीजनों को तत्काल 20 हजार रुपये की मदद दिलाई गई है। जांच के बाद विभाग की ओर से और आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। वहीं एसडीएम सलोन मोती लाल यादव ने बताया कि बिजली के तार से करंट लगने से किसान की मौत हो गई है।
यह घटना काफी दुखद है। मामले की जांच तो पुलिस कर ही रही है। शोक संतृप्त परिवारीजनों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।