{"_id":"70cb42d6e981a35d2ec05d7052bfd54b","slug":"two-child-killers-life-imprisonment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालक के दो हत्यारों को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बालक के दो हत्यारों को आजीवन कारावास
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ढाई साल पहले आठ वर्षीय बालक की हत्या के मामले में कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद हुसेन ने दो अभियुक्तों को दोष सिद्घ करते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
मामले की रिपोर्ट अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना कोतवाली डलमऊ में मृतक के पिता अवधेश कुमार यादव ने 16 दिसंबर 2012 को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी का आठ वर्षीय बेटा सत्यम यादव लालगंज स्थित डिवाइन लाइट इंग्लिश स्कूल में पढ़ता था।
15 दिसंबर 2012 को वह रोज की तरह अन्य बच्चों के साथ शाम करीब चार बजे घर पहुंचा था। खाना खाने के बाद करीब पांच बजे खेलने निकला, लेकिन लौटकर नहीं आया। परिवारीजनों ने काफी तलाश किया।
विज्ञापन
रात करीब पौने दस बजे उसका शव गांव के गनेश यादव के तोरिया के खेत में मिला। मृतक के गले और सिर पर गहरे कटे के निशान थे। पुलिस ने गांव के ही गनेश यादव को गिरफ्तार किया। उसी की निशानदेही पर कुल्हाड़ी आरोपी के घर से ही बरामद हुई।
पुलिस को झाड़फूंक को लेकर विवाद की वजह से हत्या किए जाने का मामला प्रकाश में आया। विवेचना के बाद पुलिस ने गनेश यादव और लालगंज के महाखेड़ा निवासी रामकुमार यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को हत्या के अपराध मे दोषसिद्घ कर आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जमा होने वाली अर्थदंड की राशि में 25 हजार रुपये मुकदमा वादी को देने का आदेश दिया।
विज्ञापन
मामले की रिपोर्ट अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना कोतवाली डलमऊ में मृतक के पिता अवधेश कुमार यादव ने 16 दिसंबर 2012 को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी का आठ वर्षीय बेटा सत्यम यादव लालगंज स्थित डिवाइन लाइट इंग्लिश स्कूल में पढ़ता था।
विज्ञापन
15 दिसंबर 2012 को वह रोज की तरह अन्य बच्चों के साथ शाम करीब चार बजे घर पहुंचा था। खाना खाने के बाद करीब पांच बजे खेलने निकला, लेकिन लौटकर नहीं आया। परिवारीजनों ने काफी तलाश किया।
विज्ञापन
रात करीब पौने दस बजे उसका शव गांव के गनेश यादव के तोरिया के खेत में मिला। मृतक के गले और सिर पर गहरे कटे के निशान थे। पुलिस ने गांव के ही गनेश यादव को गिरफ्तार किया। उसी की निशानदेही पर कुल्हाड़ी आरोपी के घर से ही बरामद हुई।
पुलिस को झाड़फूंक को लेकर विवाद की वजह से हत्या किए जाने का मामला प्रकाश में आया। विवेचना के बाद पुलिस ने गनेश यादव और लालगंज के महाखेड़ा निवासी रामकुमार यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को हत्या के अपराध मे दोषसिद्घ कर आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जमा होने वाली अर्थदंड की राशि में 25 हजार रुपये मुकदमा वादी को देने का आदेश दिया।