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किसान को पता ही नहीं और हो गया 1.40 लाख का लोन
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2015 11:57 PM IST
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सलोन कोतवाली क्षेत्र के एक किसान और उसकी पत्नी के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से धोखाधड़ी कर 1.40 लाख का लोन कराने का मामला प्रकाश में आया है। किसान जब बैंक पहुंचा तो उसे इस जालसाजी का पता चला।
कोतवाली में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने बुधवार को डीएम सूर्यपाल गंगवार से गुहार लगाई। डीएम ने एसपी को मामले की जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के राजापुर माफी निवासी शिव नारायण का आरोप है कि 20 जुलाई को उसने अपनी पत्नी पार्वती के साथ संयुक्त केसीसी बनवाने के लिए एसबीआई की उमरी शाखा में आवेदन किया था।
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11 सितंबर को वह केसीसी बनने की जानकारी करने के लिए बैंक पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके केसीसी से 1.40 लाख रुपये दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
इसी बीच वह केसीसी के बारे में जानकारी करने बैंक गया, लेकिन अफसरों ने उसे लौटा दिया। 14 सितंबर को उसने खाते का ब्योरा निकलवाया तो जालसाजी का पता चला।
पीड़ित का आरोप है कि बैंक अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से रुपये निकाले गए। कोतवाली में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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कोतवाली में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने बुधवार को डीएम सूर्यपाल गंगवार से गुहार लगाई। डीएम ने एसपी को मामले की जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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कोतवाली क्षेत्र के राजापुर माफी निवासी शिव नारायण का आरोप है कि 20 जुलाई को उसने अपनी पत्नी पार्वती के साथ संयुक्त केसीसी बनवाने के लिए एसबीआई की उमरी शाखा में आवेदन किया था।
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11 सितंबर को वह केसीसी बनने की जानकारी करने के लिए बैंक पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके केसीसी से 1.40 लाख रुपये दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
इसी बीच वह केसीसी के बारे में जानकारी करने बैंक गया, लेकिन अफसरों ने उसे लौटा दिया। 14 सितंबर को उसने खाते का ब्योरा निकलवाया तो जालसाजी का पता चला।
पीड़ित का आरोप है कि बैंक अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से रुपये निकाले गए। कोतवाली में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।