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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Death in suspicious circumstances of the bank manager

देना बैंक मैनेजर की संदिग्ध हालात में मौत

Wed, 06 Jan 2016 11:31 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Jan 2016 11:31 PM IST
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बुधवार सुबह कमरे में मैनेजर की लाश मिली। बैंक मैनेजर की मौत कैसे हुई यह रहस्य ही बना हुआ है। पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच्चाई सामने आएगी।
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रामपुर जिले के सेमरी थाना क्षेत्र के दनकरा मजरे पट्टी बसंतपुर का रहने वाले गोविंद किशोर गंगवार (32) देना बैंक की हरचंदपुर शाखा में मैनेजर थे।

वह लखनऊ में पीजीआई के पास किराए में मकान लेकर रहते थे। वहीं से रोज ड्यूटी पर आते थे। मंगलवार को सहारनपुर जिले का रहने वाला उनका दोस्त देवराज रायबरेली आया था।
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इस पर मैनेजर लखनऊ नहीं गए। रात में दोनों बस स्टेशन के पास स्थित कृष्णा होटल के कमरा नंबर 101 में रुके थे। पुलिस पूछताछ में देवराज ने बताया कि रात में दोनों ने शराब पी, खाना खाया, फिर सो गए।
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सुबह गोविंद सोकर नहीं उठे। उसने जगाने की कोशिश की तो शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इस पर वह उसे जिला अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टर बीके पाठक ने बैंक मैनेजर को मृत घोषित कर दिया।

मैनेजर की मौत की सूचना मिलते ही बैंक के अन्य अफसर और कर्मचारी भी जिला अस्पताल पहुंचे। सीओ सिटी सुशील कुमार ने कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्र के साथ होटल के उस कमरे में पहुंच कर छानबीन की, जहां मैनेजर अपने दोस्त के साथ रुके थे।

देर शाम रामपुर से रायबरेली पहुंचे बैंक मैनेजर के परिवारीजन किसी अनहोनी की आशंका को लेकर काफी आहत हैं। यही नहीं घर वालों ने पुलिस और देवराज दोनों की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया है।

मृतक के पिता राधेश्याम का कहना है कि वह देवराज को पहचानते नहीं और न ही गोविंद ने कभी देवराज के बारे में घर वालों को कुछ बताया।

यदि वह उसका पुराना दोस्त था तो कम से कम घर में जरूर बताता। यही नहीं पुलिस ने भी घर वालों के आने का इंतजार किए बिना ही पोस्टमार्टम करा दिया।

इससे पहले महाराष्ट्र के जिले नासिक में तैनात था। सितंबर-2015 में उसे रायबरेली में तैनाती दी गई थी। बेटे की अचानक मौत से परिवारीजन को अचंभे में डाल दिया है।


मैनेजर के पिता का कहना है कि उसका बेटा शराब नहीं पीता था। हो सकता है, उसे दबाव डाल कर कुछ मिलाकर शराब पिलाई गयी हो।

यदि शराब पीने से उसे उल्टियां हुई तो देवराज को उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया। उसने गोविंद को मरने के लिए छोड़ दिया।

सीओ सिटी सुशील कुमार ने कहा कि बैंक मैनेजर ने रात में अपने दोस्त के साथ होटल में शराब पी थी। इसके बाद उसे उल्टियां हुई। फिर सुबह उसकी मौत हो गई। शव को पीएम के लिए भेजा गया है।

मौत अधिक शराब पीने से हुई थी या और कोई वजह है, यह तो पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
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