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दुराचारी देवर को 10 वर्ष के कारावास की सजा
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:18 AM IST
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रायबरेली। जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित फ ास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुराचारी देवर को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एफ टीसी प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश इफ राक अहमद ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) गिरिजेश कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने थाना गुरुबक्शगंज में 12 जुलाई 2006 को दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादिनी अपने पति की मृत्यु के बाद ससुराल में ही रहती थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के करीब एक साल पहले वादिनी का देवर उसके साथ दुराचार करता रहा।
वादिनी ने अपने ससुर से बताई, तब उन्होंने शादी कराने का आश्वासन दिया। गर्भवती होने पर उसे भगा दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद देवर व ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद देवर को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में ससुर को बरी कर दिया।
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साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एफ टीसी प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश इफ राक अहमद ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) गिरिजेश कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने थाना गुरुबक्शगंज में 12 जुलाई 2006 को दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादिनी अपने पति की मृत्यु के बाद ससुराल में ही रहती थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के करीब एक साल पहले वादिनी का देवर उसके साथ दुराचार करता रहा।
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वादिनी ने अपने ससुर से बताई, तब उन्होंने शादी कराने का आश्वासन दिया। गर्भवती होने पर उसे भगा दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद देवर व ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद देवर को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में ससुर को बरी कर दिया।