{"_id":"5caa3ec2bdec2213e929287f","slug":"161554661058-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खजूरगांव में टीएसी ने पकड़ा खेल, प्रधान व सचिव से होगी वसूली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खजूरगांव में टीएसी ने पकड़ा खेल, प्रधान व सचिव से होगी वसूली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। लालगंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत खजूरगांव में मनरेगा में मनमानी पकड़ में आई है। टेक्निकल आडिट कमेटी (टीएसी) ने मनरेगा से बने दो खड़ंजा मार्गों को चेक किया तो ईंटों का कम प्रयोग पाया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से वसूली के आदेश दिए गए हैं। आदेश के बाद संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
शासन की मंशा पर जिले में मनरेगा में सबसे अधिक बजट खर्च करने वाली दो ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की जांच टेक्निकल आडिट कमेटी ने की।
लालगंज ब्लॉक के खजूरगांव में टीम ने पूरे गुरु गांव में खडंजा मार्ग के दो कार्यों की जांच की। एक में 8085 रुपये और दूसरे में 7569 रुपये की कम ईंटें मिलीं।
हालांकि भुगतान ले लिया गया, लेकिन कार्यों में कम ईंटों का प्रयोग किया गया। मामला पकड़ में आने के बाद खजूरगांव के प्रधान सर्वेश कुमार, सचिव अमर बहादुर सिंह और तकनीकी सहायक ओम प्रकाश से संबंधित धनराशि की वसूली करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
उपायुक्त मनरेगा पीके सिंह ने बताया कि जांच में मनमानी मिली है। संबंधित धनराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से वसूली के आदेश दिए गए हैं। आदेश के बाद संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
शासन की मंशा पर जिले में मनरेगा में सबसे अधिक बजट खर्च करने वाली दो ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की जांच टेक्निकल आडिट कमेटी ने की।
लालगंज ब्लॉक के खजूरगांव में टीम ने पूरे गुरु गांव में खडंजा मार्ग के दो कार्यों की जांच की। एक में 8085 रुपये और दूसरे में 7569 रुपये की कम ईंटें मिलीं।
विज्ञापन
हालांकि भुगतान ले लिया गया, लेकिन कार्यों में कम ईंटों का प्रयोग किया गया। मामला पकड़ में आने के बाद खजूरगांव के प्रधान सर्वेश कुमार, सचिव अमर बहादुर सिंह और तकनीकी सहायक ओम प्रकाश से संबंधित धनराशि की वसूली करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
उपायुक्त मनरेगा पीके सिंह ने बताया कि जांच में मनमानी मिली है। संबंधित धनराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।