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रंजिश में लिखाया गया दलित उत्पीडन का मुकदमा, जांच में मिला झुठा
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रंजिश में लिखाया दलित उत्पीड़न का मुकदमा, जांच में मिला झूठा
रायबरेली। सरकार द्वारा समाज के कमजोेर वर्ग को दी गई सहूलियत का लोग किस तरह दुरुपयोग करते हैं, इसकी एक बानगी सामने आई है। रंजिश में दलित उत्पीड़न का झूठा मुकदमा लिखा दिया गया। अब जांच में सच्चाई सामने आई तो शपथ पत्र देकर गलती को स्वीकार कर ली। मामला जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे महारानी का गांव का है।
गांव में 27 मई को दो पक्षों में आपसी विवाद हुआ था, जिसमें गांव के सुजीत कुमार पाल और अभिमन्यु ने एक-दूसरे के विरुद्ध थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में अभिमन्यु ने सुजीत के विरुद्ध दलित उत्पीड़न समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना सीओ विनीत सिंह ने शुरू की।
प्रारंभिक जांच में ही ग्रामीणों ने अपने बयान में सच्चाई सामने रख दी तो दोनों पक्षों को लगा कि अब पोल खुल जाएगी। इस पर दोनों पक्षों ने शपथ पत्र देकर मुकदमे में लगाए गए आरोपों को खुद ही झुठला दिया। अभिमन्यु की बेटी ने दिए गए पत्र में दलित उत्पीड़न, मारपीट, धमकी जैसे किसी भी आपराधिक कृत्य को नकार दिया है।
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अब पुलिस इस मुकदमे की विवेचना तो समाप्त कर रही है, लेकिन इस तरह से कई मामले अक्सर सामने आते हैं और निर्दोष विशेष एक्ट का शिकार हो जाते हैं। उधर, सीओ विनीत सिंह ने बताया कि झूठे मुकदमे लिखाने की कई शिकायतें मिलती हैं। इसलिए सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि हर मामले में तह तक पहुंचे बिना कार्रवाई न की जाए।
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रायबरेली। सरकार द्वारा समाज के कमजोेर वर्ग को दी गई सहूलियत का लोग किस तरह दुरुपयोग करते हैं, इसकी एक बानगी सामने आई है। रंजिश में दलित उत्पीड़न का झूठा मुकदमा लिखा दिया गया। अब जांच में सच्चाई सामने आई तो शपथ पत्र देकर गलती को स्वीकार कर ली। मामला जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे महारानी का गांव का है।
गांव में 27 मई को दो पक्षों में आपसी विवाद हुआ था, जिसमें गांव के सुजीत कुमार पाल और अभिमन्यु ने एक-दूसरे के विरुद्ध थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में अभिमन्यु ने सुजीत के विरुद्ध दलित उत्पीड़न समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना सीओ विनीत सिंह ने शुरू की।
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प्रारंभिक जांच में ही ग्रामीणों ने अपने बयान में सच्चाई सामने रख दी तो दोनों पक्षों को लगा कि अब पोल खुल जाएगी। इस पर दोनों पक्षों ने शपथ पत्र देकर मुकदमे में लगाए गए आरोपों को खुद ही झुठला दिया। अभिमन्यु की बेटी ने दिए गए पत्र में दलित उत्पीड़न, मारपीट, धमकी जैसे किसी भी आपराधिक कृत्य को नकार दिया है।
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अब पुलिस इस मुकदमे की विवेचना तो समाप्त कर रही है, लेकिन इस तरह से कई मामले अक्सर सामने आते हैं और निर्दोष विशेष एक्ट का शिकार हो जाते हैं। उधर, सीओ विनीत सिंह ने बताया कि झूठे मुकदमे लिखाने की कई शिकायतें मिलती हैं। इसलिए सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि हर मामले में तह तक पहुंचे बिना कार्रवाई न की जाए।