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कुपोषण से बचाने के लिए सवा लाख लॉडलों का वजन
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:33 AM IST
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1.25 लाख बच्चों का लिया वजन, कुपोषित मिले 30 हजार
रायबरेली। जिले के कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए गुरुवार को पांच साल से कम उम्र के 1.25 लाख से अधिक बच्चों का वजन हुआ। इसमें 30 हजार से अधिक कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए। जिले में कल (29 दिसंबर) तक 2.77 लाख बच्चों का वजन होना है। इसमें चिह्नित कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को शबरी संकल्प योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत बच्चों के माता-पिता के बैंक खाते में सीधे धन दिया जाएगा। इस योजना का लाभ तीन साल से कम उम्र के कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का मिलेगा। बजट देने के साथ ही विभाग हर महीने समीक्षा करके बच्चों की सेहत को भी जांचेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण शबरी संकल्प योजना जिले में शुरू नहीं हो सकी है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद जिले के पांच साल तक के 2.77 लाख लाडलों का वजन करके कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। जिले के 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बृहस्पतिवार को 1.25 बच्चों का वजन किया गया। इसमें 30 हजार से अधिक कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। केंद्रों पर बच्चों का वजन कराने के लिए भीड़ रही। वजन लेने का काम 29 दिसंबर तक होगा। जनवरी से करीब 50 हजार से अधिक कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को शबरी संकल्प योजना का लाभ दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने भी खीरों और लालगंज क्षेत्र के कई केंद्रों पर पहुंचकर बच्चों का वजन अपने सामने कराया। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को 29 दिसंबर तक सभी बच्चों का वजन करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया है, जिससे योजना तुरंत शुरू कराई जा सके।
सभी 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों का वजन कराकर कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। 29 दिसंबर तक काम पूरा होने के बाद शबरी संकल्प योजना के तहत कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने का काम शुरू होगा। बच्चों के माता-पिता को अब सीधे धनराशि दी जाएगी। धनराशि कितनी मिलेगी। इसका ब्योरा अभी शासन और उच्चाधिकारियों के स्तर से नहीं आया है।- मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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रायबरेली। जिले के कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए गुरुवार को पांच साल से कम उम्र के 1.25 लाख से अधिक बच्चों का वजन हुआ। इसमें 30 हजार से अधिक कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए। जिले में कल (29 दिसंबर) तक 2.77 लाख बच्चों का वजन होना है। इसमें चिह्नित कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को शबरी संकल्प योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत बच्चों के माता-पिता के बैंक खाते में सीधे धन दिया जाएगा। इस योजना का लाभ तीन साल से कम उम्र के कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का मिलेगा। बजट देने के साथ ही विभाग हर महीने समीक्षा करके बच्चों की सेहत को भी जांचेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण शबरी संकल्प योजना जिले में शुरू नहीं हो सकी है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद जिले के पांच साल तक के 2.77 लाख लाडलों का वजन करके कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। जिले के 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बृहस्पतिवार को 1.25 बच्चों का वजन किया गया। इसमें 30 हजार से अधिक कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। केंद्रों पर बच्चों का वजन कराने के लिए भीड़ रही। वजन लेने का काम 29 दिसंबर तक होगा। जनवरी से करीब 50 हजार से अधिक कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को शबरी संकल्प योजना का लाभ दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने भी खीरों और लालगंज क्षेत्र के कई केंद्रों पर पहुंचकर बच्चों का वजन अपने सामने कराया। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को 29 दिसंबर तक सभी बच्चों का वजन करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया है, जिससे योजना तुरंत शुरू कराई जा सके।
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सभी 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों का वजन कराकर कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। 29 दिसंबर तक काम पूरा होने के बाद शबरी संकल्प योजना के तहत कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने का काम शुरू होगा। बच्चों के माता-पिता को अब सीधे धनराशि दी जाएगी। धनराशि कितनी मिलेगी। इसका ब्योरा अभी शासन और उच्चाधिकारियों के स्तर से नहीं आया है।- मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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