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Raebareli News: विलय से छह किमी चलने को मजबूर बच्चे
Tue, 22 Jul 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:24 AM IST
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ऊंचाहार विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पूरे निरही में जमीन पर दरी बिछाकर पढ़ाई करते बच्चे।
रायबरेली। विकास क्षेत्र ऊंचाहार में छह परिषदीय विद्यालयों का विलय दूसरे स्कूलों में कर दिया गया है। विलय करते समय दूरी का ध्यान नहीं रखा गया है। नतीजतन, स्कूल की दूर तीन किमी तक हो गई। ऐसे में बच्चों को रोजाना स्कूल आने-जाने में छह किमी पैदल चलना पड़ रहा है। ऊंचाहार विकास क्षेत्र में 99 प्राथमिक, 18 उच्च प्राथमिक एवं नौ कंपोजिट विद्यालय हैं।
इनमें पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 10 हजार से अधिक हैं। विलय की प्रक्रिया शुरू हुई तो प्रथम चरण में 30 से कम छात्र संख्या वाले छह विद्यालय चिह्नित किए गए। इनमें प्राथमिक विद्यालय चतुरपुर उर्फ मिश्रपुर का विलय प्राथमिक विद्यालय पूरे कुर्मिन में, प्राथमिक विद्यालय पूरे सूरसती का विलय शुकुरूल्लापुर में, सबीसपुर का विलय कंपोजिट विद्यालय कोटरा बहादुरगंज में और प्राथमिक विद्यालय रतापुर का विलय प्राथमिक विद्यालय पूरे निरही में किया गया है।
दो स्कूलों प्राथमिक विद्यालय दूलीपुर और प्राथमिक विद्यालय जमुनिहाहार को पिपरहा स्थित स्कूल में विलय किया गया है। विलय वाले ज्यादातर स्कूलों की दूरी दो से तीन किमी है। यही वजह है कि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। इसीलिए स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति घटती जा रही है।
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नए स्कूल नहीं जा रहे रतापुर के बच्चे
प्राथमिक विद्यालय पूरे निरही में पहले से 32 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को स्कूल में 25 बच्चे ही उपस्थित मिले। इस स्कूल में प्राथमिक विद्यालय रतापुर का विलय किया गया है, जहां 22 बच्चे पढ़ते हैं। रतापुर स्कूल का कोई भी बच्चा विलय वाले विद्यालय नहीं जा रहा है। विद्यालय की दूरी दो किमी होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को नहीं भेज रहे हैं।
पूरे निरही में पहले से सहायक अध्यापक किरन यादव व प्रभावती पांडेय की तैनाती है। रतापुर स्कूल से आई सहायक अध्यापक रीतू शुक्ला को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि रतापुर स्कूल के बच्चे नहीं आ रहे हैं। इन बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर समझाया जा रहा है, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को भेजने से मना कर रहे हैं। अभिभावक सुखराम, सचिन एवं श्रीराम ने बताया कि पूरे निरही गांव से दूर है। स्कूल के बगल में तालाब है। बारिश अधिक होने पर वहां पानी भर जाता है। इससे बच्चों की जान का खतरा है।
कई बच्चों को अपने साथ ला रहे शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय पिपरहा में 61 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें 55 बच्चे सोमवार को स्कूल में उपस्थित मिले। इस स्कूल में प्राथमिक विद्यालय जमुनिहाहार के 30 बच्चों और दूलीपुर के 15 बच्चों का विलय किया गया है। इन दोनों स्कूलों के 45 में 37 बच्चे सोमवार को स्कूल आए। जमुनिहाहार का स्कूल भवन राजमार्ग में आने के कारण ध्वस्त कर दिया गया था, जिससे यह स्कूल पहले ही शिफ्ट हो चुका था। अब विलय कर दिया गया है। दूलीपुर का स्कूल भी विलय के कारण पिपरहा में आ गया है।
पिपरहा से जमुनिहाहार की दूरी दो किमी. और दूलीपुर की दूरी तीन किमी. से ज्यादा है। स्कूल न आने वाले कई बच्चों को शिक्षक अपने साथ लाते हैं। प्रधानाध्यापक तबस्सुम बानो का कहना है कि गर्मी में बच्चे तीन किमी. से ज्यादा दूरी तय करके स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों को परेशानी होती है। अधिक दूरी वाले बच्चों को सहायक अध्यापक हिमांशु अपनी बाइक से लाते हैं।
स्कूलों के विलय में शासन एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया गया है। विलय करते समय सभी निर्देशों का ध्यान रखा गया और सही जानकारी दी गई। बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा।
-ऋचा सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, ऊंचाहार
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इनमें पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 10 हजार से अधिक हैं। विलय की प्रक्रिया शुरू हुई तो प्रथम चरण में 30 से कम छात्र संख्या वाले छह विद्यालय चिह्नित किए गए। इनमें प्राथमिक विद्यालय चतुरपुर उर्फ मिश्रपुर का विलय प्राथमिक विद्यालय पूरे कुर्मिन में, प्राथमिक विद्यालय पूरे सूरसती का विलय शुकुरूल्लापुर में, सबीसपुर का विलय कंपोजिट विद्यालय कोटरा बहादुरगंज में और प्राथमिक विद्यालय रतापुर का विलय प्राथमिक विद्यालय पूरे निरही में किया गया है।
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दो स्कूलों प्राथमिक विद्यालय दूलीपुर और प्राथमिक विद्यालय जमुनिहाहार को पिपरहा स्थित स्कूल में विलय किया गया है। विलय वाले ज्यादातर स्कूलों की दूरी दो से तीन किमी है। यही वजह है कि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। इसीलिए स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति घटती जा रही है।
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नए स्कूल नहीं जा रहे रतापुर के बच्चे
प्राथमिक विद्यालय पूरे निरही में पहले से 32 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को स्कूल में 25 बच्चे ही उपस्थित मिले। इस स्कूल में प्राथमिक विद्यालय रतापुर का विलय किया गया है, जहां 22 बच्चे पढ़ते हैं। रतापुर स्कूल का कोई भी बच्चा विलय वाले विद्यालय नहीं जा रहा है। विद्यालय की दूरी दो किमी होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को नहीं भेज रहे हैं।
पूरे निरही में पहले से सहायक अध्यापक किरन यादव व प्रभावती पांडेय की तैनाती है। रतापुर स्कूल से आई सहायक अध्यापक रीतू शुक्ला को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि रतापुर स्कूल के बच्चे नहीं आ रहे हैं। इन बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर समझाया जा रहा है, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को भेजने से मना कर रहे हैं। अभिभावक सुखराम, सचिन एवं श्रीराम ने बताया कि पूरे निरही गांव से दूर है। स्कूल के बगल में तालाब है। बारिश अधिक होने पर वहां पानी भर जाता है। इससे बच्चों की जान का खतरा है।
कई बच्चों को अपने साथ ला रहे शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय पिपरहा में 61 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें 55 बच्चे सोमवार को स्कूल में उपस्थित मिले। इस स्कूल में प्राथमिक विद्यालय जमुनिहाहार के 30 बच्चों और दूलीपुर के 15 बच्चों का विलय किया गया है। इन दोनों स्कूलों के 45 में 37 बच्चे सोमवार को स्कूल आए। जमुनिहाहार का स्कूल भवन राजमार्ग में आने के कारण ध्वस्त कर दिया गया था, जिससे यह स्कूल पहले ही शिफ्ट हो चुका था। अब विलय कर दिया गया है। दूलीपुर का स्कूल भी विलय के कारण पिपरहा में आ गया है।
पिपरहा से जमुनिहाहार की दूरी दो किमी. और दूलीपुर की दूरी तीन किमी. से ज्यादा है। स्कूल न आने वाले कई बच्चों को शिक्षक अपने साथ लाते हैं। प्रधानाध्यापक तबस्सुम बानो का कहना है कि गर्मी में बच्चे तीन किमी. से ज्यादा दूरी तय करके स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों को परेशानी होती है। अधिक दूरी वाले बच्चों को सहायक अध्यापक हिमांशु अपनी बाइक से लाते हैं।
स्कूलों के विलय में शासन एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया गया है। विलय करते समय सभी निर्देशों का ध्यान रखा गया और सही जानकारी दी गई। बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा।
-ऋचा सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, ऊंचाहार