{"_id":"686d7078dd05579abf04cafd","slug":"beo-suspended-for-writing-poem-on-officer-raebareli-news-c-101-1-slp1006-136690-2025-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: अधिकारी पर कविता लिखने पर बीईओ निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: अधिकारी पर कविता लिखने पर बीईओ निलंबित
Wed, 09 Jul 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
नसीराबाद (रायबरेली)। सोशल मीडिया पर अधिकारी पर व्यंग्यात्मक कविता लिखना छतोह के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विजय प्रकाश को भारी पड़ गया। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक कामताराम पाल ने उन्हें निलंबित कर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक प्रयागराज कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
बीते 25 मई को खंड शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों के सोशल मीडिया ग्रुप में व्यंगात्मक कविता तुम जानते हो डिप्टी का अरमान दोस्तों, नीचे भी कसते ऊपर उनकी जान दोस्तों, वह तिलमिला कर जब कभी आंख दिखाये, तो पाल जी निलंबन का पत्र थमाये...। इस कविता को समूह के किसी सदस्य ने वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया।
अपर शिक्षा निदेशक ने इसे सरकारी सेवा आचरण नियमावली का उल्लंघन माना और एबीएसए से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब न देने पर उन्होंने विजय प्रकाश को निलंबित कर दिया। उधर, निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रकाश ने कहा कि उनके मोबाइल से किसी ने ग्रुप में कविता डाली थी। उनका इस कविता से कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते 25 मई को खंड शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों के सोशल मीडिया ग्रुप में व्यंगात्मक कविता तुम जानते हो डिप्टी का अरमान दोस्तों, नीचे भी कसते ऊपर उनकी जान दोस्तों, वह तिलमिला कर जब कभी आंख दिखाये, तो पाल जी निलंबन का पत्र थमाये...। इस कविता को समूह के किसी सदस्य ने वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया।
विज्ञापन
अपर शिक्षा निदेशक ने इसे सरकारी सेवा आचरण नियमावली का उल्लंघन माना और एबीएसए से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब न देने पर उन्होंने विजय प्रकाश को निलंबित कर दिया। उधर, निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रकाश ने कहा कि उनके मोबाइल से किसी ने ग्रुप में कविता डाली थी। उनका इस कविता से कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन