फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Barracks and police personnel not RI to tell, to suspend instructions

बैरकों और पुलिस कर्मियों की संख्या नहीं बता सके आरआई, सस्पेंड करने के निर्देश

Wed, 09 Nov 2016 12:01 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Wed, 09 Nov 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
Barracks and police personnel not RI to tell, to suspend instructions
रायबरेली में मंगलवार को पुलिस लाइंस मे खराब पड़ा हैंडपंप देख नाराज हो गये डीआईजी प्रवीण कुमार। - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ रेंज के डीआईजी प्रवीण कुमार ने मंगलवार को पुलिस लाइंस का निरीक्षण किया तो विभागीय व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। हर तरफ गंदगी फैली थी, हैंडपंप खराब पड़ा था। बैरक जर्जर थीं। रंगाई-पुताई नहीं कराई गई। भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। बैरिकों और पुलिस कर्मियों की संख्या की जानकारी आरआई राजवीर सिंह को नहीं थी। इस पर डीआईजी का माथा टनक गया। उन्होंने फटकार लगाते हुए आरआई को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही सस्पेंड करने के निर्देश एसपी को दिए।
विज्ञापन


डीआईजी को रायबरेली जिले के अपने पहले दौरे में ही विभागीय अव्यवस्थाओं से रू-ब-रू होना पड़ा। पुलिस लाइंस में बैरक जर्जर अवस्था में मिलीं। उनकी रंगाई-पुताई ठीक नहीं थी। रंगाई-पुताई के लिए आने वाले धन कहां लगाया गया, इसका जवाब आरआई नहीं दे सके। हैंडपंप खराब था। ठीक क्यों नहीं कराया गया, इस पर भी आरआई ने चुप्पी साध ली। यही नहीं आरआई यह भी नहीं बता सके कि पुलिस लाइंस में कितनी बैरकें हैं और पुलिस कर्मियों की संख्या कितनी है।
विज्ञापन


इस पर तो डीआईजी और खफा हो गए। उन्होंने आरआई को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ सस्पेंड करने की बात कही। गैरहाजिर पुलिस कर्मियों की तादाद अधिक होने पर एसपी को भी फटकार लगाई और इस व्यवस्था को बदलने की बात कही। यही नहीं लाइसेंस रिनीवल के नाम पर धन उगाही किए जाने के मामले में भी फटकार लगाई। इसके बाद डीआईजी पुलिस कार्यालय पहुंचे। यहां पर दस्तावेजों को चेक किया। डीआईजी प्रवीण कुमार ने शाम को सदर कोतवाली का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सदर कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय को अपराधियों पर नकेल कसने के निर्देश दिए। इसके बाद हरचंदपुर थाने का निरीक्षण में छोटे मामले में कार्रवाई न होने पर डीआईजी ने नाराजगी जताई। थानेदार जेपी यादव से बड़े-छोटे मामलों को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई करने की बात कही। इसी माह गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के अटौरा चौकी के पास जंगल में जानवर चरा रही बालिका के साथ एक सिपाही ने रेप का प्रयास किया था। इस मामले में अटौरा चौकी इंचार्ज सुरेश सिंह की लापरवाही की बात सामने आई थी।

डीआईजी के सामने इस मामले को उठाया गया। इस पर डीआईजी ने एसपी को अटौरा चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने की बात कही।इस मौके पर एसपी विनय यादव, एएसपी वीरेंद्र यादव, सीओ डलमऊ श्याम प्रकाश उपाध्याय, सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव, सीओ सलोन चरन सिंह मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद डीआईजी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


कई लंबित वारदातों के सवाल पर उन्होंने कहा कि लूट, हत्या, चोरी की जिन वारदातों का खुलासा नहीं हो सका है, उसके लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि थानेदार खुलासा करने नाकाम होते हैं तो उनका कुर्सी पर रहने का कोई हक नहीं है। पुलिसिंग व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस लाइंस में जो भी कमियां मिली हैं, उसे दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। जल्द चार नई बैरक बनाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed