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बिन बारिश बीता आधा आषाढ़, आसमान से बरस रही आग
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:04 AM IST
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बिन बारिश बीता आधा आषाढ़, आसमान से बरस रही आग
रायबरेली। आधा आषाढ़ बीतने को है, लेकिन इंद्रदेव अभी भी रुठे हुए हैं। आसमान से आग बरस रही है। लोग बेतहाशा पड़ रही गर्मी से बेहाल हैं।
गर्मी की तपिश का यह हाल है कि कूलर, पंखे की हवा भी काम नहीं आ रही है। गर्मी से लोगों का हलक सूख रहा है। पसीने से तर बतर नजर आ रहे हैं।
धूप से बचने के लिए पेड़ की छांव खोजते हैं। अधिकतम पारा 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। गर्मी की तपिश यूं रही तो आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
इधर, जिले में आषाढ़ माह की शुरुआत हो गई है। करीब एक पखवारा भी बीतने वाला है। पर गर्मी की तपिश कम नहीं हो रही है। सुबह आठ बजे से ही गर्मी से लोग बेहाल उठते हैं।
सुबह दस बजे के बाद तो घर से निकलना मुहाल हो जाता है। खासकर बच्चों को अधिक गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सुबह के वक्त तो मौसम कुछ ठंडा रहता है, लेकिन दोपहर में छुट्टी के बाद छात्र-छात्राओं को घर पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ती है।
बच्चे पसीने से तर बतर हो जाते हैं। गर्मी की वजह से दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। शहर आए लोग प्यास बुझाने के लिए वाटर पंप में पानी भरते नजर आते हैं।
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बिजली जाते ही गर्मी और परेशान करती है। सड़कों पर सन्नाटा दोपहर में पसर जाता है। कुछ भी हो, बेतहाशा गर्मी ने सभी को परेशान कर रखा है। इंद्रदेव यूं ही रूठे रहे तो आषाढ़ माह में गर्मी और बढ़ेगी।
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रायबरेली। आधा आषाढ़ बीतने को है, लेकिन इंद्रदेव अभी भी रुठे हुए हैं। आसमान से आग बरस रही है। लोग बेतहाशा पड़ रही गर्मी से बेहाल हैं।
गर्मी की तपिश का यह हाल है कि कूलर, पंखे की हवा भी काम नहीं आ रही है। गर्मी से लोगों का हलक सूख रहा है। पसीने से तर बतर नजर आ रहे हैं।
धूप से बचने के लिए पेड़ की छांव खोजते हैं। अधिकतम पारा 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। गर्मी की तपिश यूं रही तो आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
इधर, जिले में आषाढ़ माह की शुरुआत हो गई है। करीब एक पखवारा भी बीतने वाला है। पर गर्मी की तपिश कम नहीं हो रही है। सुबह आठ बजे से ही गर्मी से लोग बेहाल उठते हैं।
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सुबह दस बजे के बाद तो घर से निकलना मुहाल हो जाता है। खासकर बच्चों को अधिक गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सुबह के वक्त तो मौसम कुछ ठंडा रहता है, लेकिन दोपहर में छुट्टी के बाद छात्र-छात्राओं को घर पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ती है।
बच्चे पसीने से तर बतर हो जाते हैं। गर्मी की वजह से दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। शहर आए लोग प्यास बुझाने के लिए वाटर पंप में पानी भरते नजर आते हैं।
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बिजली जाते ही गर्मी और परेशान करती है। सड़कों पर सन्नाटा दोपहर में पसर जाता है। कुछ भी हो, बेतहाशा गर्मी ने सभी को परेशान कर रखा है। इंद्रदेव यूं ही रूठे रहे तो आषाढ़ माह में गर्मी और बढ़ेगी।