{"_id":"597e1c364f1c1be72d8b4719","slug":"71501436982-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वीमिंग पूल में छात्रा की मौत के मामले की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वीमिंग पूल में छात्रा की मौत के मामले की जांच शुरू
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। स्वीमिंग पूल में पूजा गुप्ता की मौत का मामला गहराता जा रहा है। रविवार को भाई ने सदर कोतवाली में जिला क्रीड़ा अधिकारी और कोच राम आसरे यादव के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया कि इनकी लापरवाही से ही उसकी बहन की मौत हुई। पुलिस और पीएम रिपोर्ट की जांच में भी यह बात सामने आई है कि स्टेडियम में तैनात कर्मियों की ओर से घोर लापरवाही बरती गई। जिस समय पूजा तैराकी सीख रही थी, उस समय वहां पर कोई मौजूद नहीं था। यदि वहां पर कोई मौजूद होता तो शायद पूजा की जान बच जाती। एसपी शिवहरि मीणा का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। पीड़ित परिवार के तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी।
आचार्य द्विवेदी नगर निवासी एवं सिंचाई कर्मचारी रमेशचंद्र गुप्ता की बेटी पूजा गुप्ता (19) की शनिवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका शव मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के स्वीमिंग पूल में पाया गया था। पीएम रिपोर्ट में पूजा की मौत की वजह डूबना आया था, लेकिन वह कैसे और किसकी लापरवाही से डूबी यह जांच का विषय है। यह मामला रविवार को उस समय और गहराया गया, जब भाई दीपक गुप्ता ने कोतवाली में तहरीर दे दी। कोतवाली में दी गई तहरीर में भाई दीपक का आरोप है कि उसकी बहन सुबह सात-आठ बजे के बीच तैराकी सीखने स्टेडियम गई थी। इसी दौरान उसकी बहन की मौत हो गई। जिला क्रीड़ा अधिकारी और कोच राम आसरे यादव की लापरवाही से उसकी बहन की मौत हुई है। पुलिस की जांच और पीएम रिपोर्ट के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक घोर लापरवाही की वजह से छात्रा की मौत हुई। बताया जाता है कि जिस समय छात्रा स्वीमिंग पूल में तैराकी सीख रही थी। उस समय वहां पर न तो कोच मौजूद था और न ही अन्य कर्मचारी। यहां तक कि अन्य तैराकी सीखने वाले भी मौजूद नहीं थे।
खून की कमी से तैर नहीं पाई होगी पूजा
पीएम करने वाले एक डॉक्टर का कहना है कि मृतका को एनीमिया (खून) की कमी थी। इससे आशंका है कि खून की कमी से पूजा तैर नहीं पाई होगी और डूब गई और वह बाहर नहीं निकल सकी। यदि वहां पर कोई मौजूद होता तो शायद पूजा आज सबके बीच होती। इस लापरवाही ने एमए प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली पूजा गुप्ता को हमेशा के लिए अपनों से दूर कर दिया। पिता का कहना है कि मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वह उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेगा।
विज्ञापन
सुबह करीब 7.30 बजे हुई थी मौत
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की मानें तो सुबह के करीब 7.30 बजे के आसपास पूजा गुप्ता की मौत हुई थी। जिस समय स्वीमिंग पूल में वह डूबी थी। उसके तत्काल बाद यदि उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती। पर ऐसा नहीं हो सका। घटना के बाद तक पूजा स्वीमिंग पूल में पड़ी रही।
परिवार को चाहिए इंसाफ
एमए प्रथम वर्ष की छात्रा पूजा गुप्ता की मौत ने पूरे परिवार को गम में डुबो दिया है। पिता रमेशचंद्र गुप्ता और भाई दीपक गुप्ता समेत हर कोई जहां पूजा की मौत पर गमगीन हैं, वहीं उसमें इसको लेकर गुस्सा है। साथ ही सभी को इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। भाई का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचा तो उसकी बहन उससे दूर जा चुकी थी। कहा था कि इस बार भइया आपके लिए महंगी राखी लेकर आऊंगी। यह कहते ही दीपक रो पड़ता है।
विज्ञापन
आचार्य द्विवेदी नगर निवासी एवं सिंचाई कर्मचारी रमेशचंद्र गुप्ता की बेटी पूजा गुप्ता (19) की शनिवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका शव मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के स्वीमिंग पूल में पाया गया था। पीएम रिपोर्ट में पूजा की मौत की वजह डूबना आया था, लेकिन वह कैसे और किसकी लापरवाही से डूबी यह जांच का विषय है। यह मामला रविवार को उस समय और गहराया गया, जब भाई दीपक गुप्ता ने कोतवाली में तहरीर दे दी। कोतवाली में दी गई तहरीर में भाई दीपक का आरोप है कि उसकी बहन सुबह सात-आठ बजे के बीच तैराकी सीखने स्टेडियम गई थी। इसी दौरान उसकी बहन की मौत हो गई। जिला क्रीड़ा अधिकारी और कोच राम आसरे यादव की लापरवाही से उसकी बहन की मौत हुई है। पुलिस की जांच और पीएम रिपोर्ट के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक घोर लापरवाही की वजह से छात्रा की मौत हुई। बताया जाता है कि जिस समय छात्रा स्वीमिंग पूल में तैराकी सीख रही थी। उस समय वहां पर न तो कोच मौजूद था और न ही अन्य कर्मचारी। यहां तक कि अन्य तैराकी सीखने वाले भी मौजूद नहीं थे।
विज्ञापन
खून की कमी से तैर नहीं पाई होगी पूजा
पीएम करने वाले एक डॉक्टर का कहना है कि मृतका को एनीमिया (खून) की कमी थी। इससे आशंका है कि खून की कमी से पूजा तैर नहीं पाई होगी और डूब गई और वह बाहर नहीं निकल सकी। यदि वहां पर कोई मौजूद होता तो शायद पूजा आज सबके बीच होती। इस लापरवाही ने एमए प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली पूजा गुप्ता को हमेशा के लिए अपनों से दूर कर दिया। पिता का कहना है कि मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वह उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेगा।
विज्ञापन
सुबह करीब 7.30 बजे हुई थी मौत
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की मानें तो सुबह के करीब 7.30 बजे के आसपास पूजा गुप्ता की मौत हुई थी। जिस समय स्वीमिंग पूल में वह डूबी थी। उसके तत्काल बाद यदि उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती। पर ऐसा नहीं हो सका। घटना के बाद तक पूजा स्वीमिंग पूल में पड़ी रही।
परिवार को चाहिए इंसाफ
एमए प्रथम वर्ष की छात्रा पूजा गुप्ता की मौत ने पूरे परिवार को गम में डुबो दिया है। पिता रमेशचंद्र गुप्ता और भाई दीपक गुप्ता समेत हर कोई जहां पूजा की मौत पर गमगीन हैं, वहीं उसमें इसको लेकर गुस्सा है। साथ ही सभी को इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। भाई का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचा तो उसकी बहन उससे दूर जा चुकी थी। कहा था कि इस बार भइया आपके लिए महंगी राखी लेकर आऊंगी। यह कहते ही दीपक रो पड़ता है।