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दर्शन करने पहुंचा छात्र सई नदी में समाया, मौत

Sun, 28 Jul 2019 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 12:48 AM IST
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student drawn in sai river
लालगंज के घुइसरनाथ धाम सई नदी में डूबे किशोर को नाव से तलाशते गोताखोर। - फोटो : PRATAPGARH
घुइसरनाथधाम दर्शन करने आया छात्र सई नदी में समाया, मौत
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नौ घंटे बाद उफनाई नदी से स्थानीय गोताखोरों ने निकाला शव
इकलौते बेटे की मौत के बाद घाट पर मचा कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
घुइसरनाथधाम। दोस्तों के साथ बाबा घुइसरनाथधाम दर्शन करने आया छात्र नहाते समय उफनाई सई नदी में डूब गया। उसकी तलाश में पुलिस-प्रशासन के साथ स्थानीय गोताखोर लगे रहे। करीब नौ घंटे बाद उसका शव बरामद हुआ। यह देख परिजन रोने-बिलखने लगे।
लालगंज कोतवाली के पूरे वंशी निवासी ज्योति प्रकाश द्विवेदी कालाकांकर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सिगराईपुर में शिक्षक हैं। वह अपने परिवार के साथ रायबरेली के ऊंचाहार में रहते हैं। उनका इकलौता बेटा सितांशु (16) ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी के चिन्मया पब्लिक स्कूल में कक्षा दस का छात्र था। शनिवार को कालेज में अवकाश होने के कारण वह साथियों के साथ सांगीपुर इलाके में स्थित बाबा घुइसरनाथ धाम दर्शन के लिए आया था। यहां सितांशु अपने साथी अभिषेक शुक्ल व ब्रह्मदत्त शुक्ल के साथ सई नदी में नहाने चला गया। नहाते समय अचानक वह गहरे पानी में जाने से डूबने लगा। साथ आए दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन तक तब वह गहरे पानी में समा गया था। घटना की जानकारी होते ही सई घाट पर लोगों का मजमा लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसकी तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा। पिचूरा घाट से नाव की व्यवस्था कर खोजबीन की गई। गोताखारों ने उसकी तलाश के लिए नदी में जाल डाला। करीब नौ घंटे बाद उसका शव बरामद हुआ। सितांशु का शव देख परिजन बिलखने लगे। मां बेहोश हो गई। सांगीपुर एसओ ने बताया कि पंचायतनामा भरने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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एसडीएम से लोगों की हुई नोकझोंक
घुइसरनाथधाम। सई नदी में छात्र के डूबने की जानकारी पर लालगंज एसडीएम विनीत उपाध्याय मौके पर पहुंच गए। यहां कुछ देर रुकने के बाद वह गेस्ट हाउस में चले गए। यह देख मौके पर जुटे परिचित व रिश्तेदार एसडीएम के पास पहुंच गए। लोगों को कहना था कि परिजनों को ढांढस बंधाने के बजाय वह आराम करने चले गए। बाहर भीड़ देख एसडीएम गेस्ट हाउस से निकले तो नाराज लोगों की उनसे नोकझोंक हो गई। मामला बिगड़ता देख एसडीएम परिजनों के पास मिलने पहुंचे तो लोगों का आक्रोश शांत हुआ।
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प्रयागराज से बुलाए गए गोताखोर
छात्र की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों की टीम लगाई गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस पर प्रयागराज से विशेषज्ञ गोताखारों की टीम बुलाई गई।
सितांशु के डूबते ही बदहवाश हो गए दोस्त
सई नदी में नहाते समय सितांशु को गहरे पानी में डूबते देख उसके दोस्तों के होश उड़ गए। उसके साथ नदी में नहाने गए अभिषेक व ब्रम्हदत्त बदहवाश हो गए।
सावन के मेले में भी घाट की नहीं हुई थी बैरिकेडिंग
बाबा धाम में सावन माह के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। कावंड़ियों के साथ ही स्थानीय लोग दर्शन पूजन से पहले सई नदी में डूबकी भी लगाते हैं। इसके लिए प्रशासन को घाट की बैरिकेडिंग ठीक से करानी थी। लेकिन एक रस्सी बांधकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। छात्र के नदी में डूबने की बात पहली बार नहीं हुई। यहां पर कई हादसे पहले भी हो चुके है।ं हर साल कोई न कोई डूबकर असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने घाट की बैरिकेडिंग कराना जरूरी नहीं समझा। हालांकि कि छात्र के डूबने के बाद अपनी गर्दन बचाने के लिए घाट की बैरिकेडिंग के लिए पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों को बुलाया गया है।
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