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बलीपुर में धमकी एसटीएफ
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:17 PM IST
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हथिगवां थाना क्षेत्र के चर्चित बलीपुर गांव में मंगलवार रात एसटीएफ धमक पड़ी। हालांकि शातिर अपराधी की तलाश में धमकी टीम को कामयाबी नहीं मिली लेकिन इससे गांव में सनसनी फैल गई। हालांकि इलाकाई पुलिस पूरी तरह से अनभिज्ञ है। मंगलवार की रात बारह बजे इनोवा कार से आधा दर्जन लोग बलीपुर चौराहे पर रुके। कुछ दूर पर मौजूद पीएसी कैंप में हलचल हुई तो वे आगे बढ़ गए। कड़ाके की ठंड के बीच इनोवा सवार कछार की ओर चले गए। अंधेरे में लग्जरी वाहन देख ग्रामीण अनहोनी की आशंका से भयभीत हो उठे।
करीब आधे घंटे तक कछार से होकर निकली सड़क की पुलिया पर वाहन रुकी रही। वहां से लौटने पर मोहद्दीनगर में छप्पर के नीचे सो रहे कुछ लोगों से टीम के लोगों ने पूछताछ भी की। बुधवार की सुबह इस बात को लेकर ग्रामीण तरह- तरह की चर्चा करते रहे। हालांकि जिन लोगों ने इनोवा सवार लोगों से बातचीत की थी वे मुंह खोलने को तैयार नहीं थे। हालांकि गांव में चर्चा रही कि वाहन सवार लोग किसी शातिर बदमाश की तलाश कर रहे थे। इस बाबत एसओ ज्ञानेंद्र सिंह ने किसी भी जानकारी से इनकार किया। हथिगवां थाने के बलीपुर गांव में सीओ समेत तीन लोगों की हत्या के बाद मृत प्रधान के घर के करीब रुकने वाली पीएसी की टीम को रात में बदल दिया गया। घटना के बाद से ही गांव में पीएसी का डेरा रहता है। समय सीमा पूरी होने पर रात में नई बटालियन पहुंची तो पहले से तैनात पीएसी की टीम वहां से दूसरे स्थान के लिए चल पड़ी।
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करीब आधे घंटे तक कछार से होकर निकली सड़क की पुलिया पर वाहन रुकी रही। वहां से लौटने पर मोहद्दीनगर में छप्पर के नीचे सो रहे कुछ लोगों से टीम के लोगों ने पूछताछ भी की। बुधवार की सुबह इस बात को लेकर ग्रामीण तरह- तरह की चर्चा करते रहे। हालांकि जिन लोगों ने इनोवा सवार लोगों से बातचीत की थी वे मुंह खोलने को तैयार नहीं थे। हालांकि गांव में चर्चा रही कि वाहन सवार लोग किसी शातिर बदमाश की तलाश कर रहे थे। इस बाबत एसओ ज्ञानेंद्र सिंह ने किसी भी जानकारी से इनकार किया। हथिगवां थाने के बलीपुर गांव में सीओ समेत तीन लोगों की हत्या के बाद मृत प्रधान के घर के करीब रुकने वाली पीएसी की टीम को रात में बदल दिया गया। घटना के बाद से ही गांव में पीएसी का डेरा रहता है। समय सीमा पूरी होने पर रात में नई बटालियन पहुंची तो पहले से तैनात पीएसी की टीम वहां से दूसरे स्थान के लिए चल पड़ी।
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