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जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 19 Sep 2015 11:44 PM IST
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जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की कवायद तेज हो गई है। शासन ने बिजली, सिंचाई, कृषि और जलनिगम विभाग से रिपोर्ट तलब करने के साथ ही यहां अब तक हुई बारिश के बारे में सूचना मांगी है। विभागीय अफसरों का दावा है कि अब तक जिले में 54.85 प्रतिशत बरसात हो चुकी है।
जिले में पर्याप्त बरसात नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। विभाग के आंकड़ों पर भले ही आला अधिकारी विश्वास जता रहे हों, मगर वास्तविकता यह है कि पानी के अभाव में धान की फसल सूख रही है। ग्रामीण इलाकों में चार घंटे मिलने वाली बिजली से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नहरों में जहां पानी नहीं है तो नलकूप खराब पड़े हैं। ऐसे में किसानों को सिर्फ रोना आ रहा है। शासन में बैठे अफसरों ने बेल्हा के किसानों का दर्द समझा और जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की पहल की है।
कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 17 सितंबर तक जिले में 54.85 प्रतिशत बरसात हो चुकी है। बरसात कम होने से खरीफ की फसल का उत्पादन 18 प्रतिशत कम हो सकता है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का ऐसा मानना है कि शासन ने अगर उदारवादी दृष्टिकोण अपनाया तो बेल्हा भी सूखाग्रस्त घोषित हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि शासन से सूखे के बाबत सूचना मांगी गई है। इसे तैयार कर भेजा जाएगा। उन्होंने संभावना व्यक्त की कि अगर बरसात नहीं हुई तो इसी माह के अंत तक बेल्हा भी पचास प्रतिशत बरसात की श्रेणी में आ जाएगा।
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जिले में पर्याप्त बरसात नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। विभाग के आंकड़ों पर भले ही आला अधिकारी विश्वास जता रहे हों, मगर वास्तविकता यह है कि पानी के अभाव में धान की फसल सूख रही है। ग्रामीण इलाकों में चार घंटे मिलने वाली बिजली से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नहरों में जहां पानी नहीं है तो नलकूप खराब पड़े हैं। ऐसे में किसानों को सिर्फ रोना आ रहा है। शासन में बैठे अफसरों ने बेल्हा के किसानों का दर्द समझा और जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की पहल की है।
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कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 17 सितंबर तक जिले में 54.85 प्रतिशत बरसात हो चुकी है। बरसात कम होने से खरीफ की फसल का उत्पादन 18 प्रतिशत कम हो सकता है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का ऐसा मानना है कि शासन ने अगर उदारवादी दृष्टिकोण अपनाया तो बेल्हा भी सूखाग्रस्त घोषित हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि शासन से सूखे के बाबत सूचना मांगी गई है। इसे तैयार कर भेजा जाएगा। उन्होंने संभावना व्यक्त की कि अगर बरसात नहीं हुई तो इसी माह के अंत तक बेल्हा भी पचास प्रतिशत बरसात की श्रेणी में आ जाएगा।
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