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कांबिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, दशहत में ग्रामीण

Tue, 12 Apr 2022 11:25 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:25 PM IST
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Only Khanapuri in the name of combing, villagers in panic
Only Khanapuri in the name of combing, villagers in panic
बेलखरनाथ ब्लाक के यहियापुर गांव में दो बकरियों का शिकार व आधा दर्जन बकरियों को जख्मी कर चुके तेंदुए को दबोचने के लिए वन विभाग की टीम कांबिंग के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर रही है। पांच दिनों से आधी-अधूरी तैयारियों के बीच कांबिंग कर रही है। टीम के पास न तो जाल है और न ही पिंजरा। लाठी- डंडे के सहारे ही टीम तेंदुआ खोजने में जुटी है। ऐसे में यदि टीम का तेंदुए से सामना हुआ तो उसे दबोचना तो दूर खुद को भी सुरक्षित करना मुश्किल होगा। हालांकि पांच नदी- नाले व जंगल की खाक छान रही वन विभाग की टीम को अभी तक तेंदुए की लोकेशन नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत है।
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बेलखरनाथ ब्लाक के यहियापुर गांव में तेंदुए की दस्तक से लोग खौफजदा है। ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं। तेंदुए ने अब तक दो बकरियों का शिकार किया है। पांच बकरियों को पंजों से जख्मी कर दिया है। बीते शुक्रवार को तेंदुए ने शफीक व शाहिद की बकरियों पर हमला बोल दिया। दो बकरियों को अपना निवाला बनाया, जबकि छह बकरियों को पंजे से जख्मी कर दिया। घटना के बाद से गांव के लोग सिहर उठे। आननफानन ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
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डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम रेंजर के नेतृत्व में यहियापुर पहुंची। शिकार किए गए जानवरों को देखने के बाद टीम ने कांबिंग तो शुरू की मगर आधी- अधूरी तैयारियों के बीच। टीम के पास न जाल है और न ही पिंजड़ा। आमतौर पर जब भी तेंदुए की कांबिंग की जाती है तो ये दोनों ही उपकरण अहम होते हैं।
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इन्हीं के सहारे तेंदुए को पकड़ा जाता है। दरअसल, जिस लोकेशन पर तेंदुए का अंदेशा हो जाता है, उसके आसपास पिंजड़ा लगा दिया जाता है। पिंजरे में तेंदुए के मनपसंद मांस के लोथड़े भी रख दिए जाते हैं। तेंदुआ लालच में जैसे ही पिंजड़े के पास पहुंचता है, वह उसी मेें फंस जाता है। इसके अलावा तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल की भी मदद ली जाती है। मगर विडंबना यह है कि जंगल में वन विभाग की टीम सिर्फ लाठी व डंडे के सहारे तेंदुए को काबू करने पहुंची है।
वन विभाग का दावा है कि लगातार पांच दिनों से तेंदुए की खोजबीन की जा रही है। दो टीमें भी लगाई गई है। मगर अभी तक तेंदुए की लोकेशन नहीं मिल सकी है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत कायम है। डीएफओ वरुण प्रताप सिंह ने बताया कि यहियापुर में तेंदुए की पुष्टि नहीं हो सकी है।

गांव में टीम को फुटप्रिंट तक नहीं मिले हैं। ग्रामीणों के बताए अनुसार टीम गांव पहुंची है। आसपास के इलाके में दो टीमें कांबिंग कर रही हैं। जैसे ही तेंदुए की लोकेशन मिलती है, जाल व पिंजड़ा के साथ उसे दबोचने का प्रयास शुरू होगा।
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