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तालाब की जमीन पर वर्षों से चल रहे इंटर कालेज को बेदखली का नोटिस
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डेरवा के सबलगढ़ में तालाब में विद्यालय बने होने की शिकायत पर जांच करने पहुंचे तहसीलदार।
- फोटो : PRATAPGARH
तालाब की जमीन में वर्षों से चल रहे इंटर कालेज को तहसील प्रशासन ने बेदखली का नोटिस थमा दिया है। तालाब में घर दुकान और विद्यालय होने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। इसके बाद प्रशासन ने जांच कराई तो मामला सही पाया गया। उधर, गांव के ही लोगों ने तालाब की जमीन पर विद्यालय बनाने की शिकायत करते हुए कहा कि मान्यता फर्जी कागज दिखाकर ली गई है।
तहसील क्षेत्र डेरवा के सबलगढ़ में तालाबी आराजी 667 में गांव के ही एक व्यक्ति ने विद्यालय बना लिया। इसके साथ ही उसकी फर्जी तरीके से मान्यता भी ले ली और विद्यालय चलने लगा।
इसके साथ ही उसी जमीन पर घर और दुकान भी बना लिया। यह विद्यालय वर्षों पूर्व बनाया गया था। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने तालाब की जमीन पर विद्यालय, घर होने की शिकायत की। इस पर तहसील प्रशासन ने माप कराई तो मामला सही पाया गया। इस पर तहसील प्रशासन ने उन्हें तालाब की जमीन खाली करने के लिए कहा लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं आया।
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काफी दिन बीत जाने के बाद गांव के शशि द्विवेदी, अमित कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर तालाब की जमीन को खाली कराने और गलत जमीन दिखाकर ली गई मान्यता रद करने की मांग की। इधर, मुख्यमंत्री से शिकायत करते ही तहसील प्रशासन फिर से जाग उठा। उसने विद्यालय प्रबंधक को बेदखली का नोटिस थमा दिया। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
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तहसील क्षेत्र डेरवा के सबलगढ़ में तालाबी आराजी 667 में गांव के ही एक व्यक्ति ने विद्यालय बना लिया। इसके साथ ही उसकी फर्जी तरीके से मान्यता भी ले ली और विद्यालय चलने लगा।
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इसके साथ ही उसी जमीन पर घर और दुकान भी बना लिया। यह विद्यालय वर्षों पूर्व बनाया गया था। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने तालाब की जमीन पर विद्यालय, घर होने की शिकायत की। इस पर तहसील प्रशासन ने माप कराई तो मामला सही पाया गया। इस पर तहसील प्रशासन ने उन्हें तालाब की जमीन खाली करने के लिए कहा लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं आया।
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काफी दिन बीत जाने के बाद गांव के शशि द्विवेदी, अमित कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर तालाब की जमीन को खाली कराने और गलत जमीन दिखाकर ली गई मान्यता रद करने की मांग की। इधर, मुख्यमंत्री से शिकायत करते ही तहसील प्रशासन फिर से जाग उठा। उसने विद्यालय प्रबंधक को बेदखली का नोटिस थमा दिया। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।