Pratapgarh News: पड़ोसी ही निकले लुटेरे, 12 घंटे के भीतर मुनीम से लूट का खुलासा, एसपी ने टीम को किया पुरस्कृत
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गल्ला कारोबारी के मुनीम से 4.15 लाख रुपये की लूट करने वालों की तलाश में लगाई गई पुलिस टीम को जांच के दौरान बाजार में लगे सीसीटीवी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अहम सुराग मिले।
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आसपुर देवसरा के रामगंज बाजार में सोमवार को गल्ला कारोबारी संतोष बरनवाल के मुनीम सुभाषचंद्र त्रिपाठी से लूट करने वाले पड़ोसी ही निकले। लूट करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दबोच लिया। उनके पास से 4.15 लाख रुपये, चोरी की बाइक और असलहा बरामद कर जेल भेजा।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गल्ला कारोबारी के मुनीम से 4.15 लाख रुपये की लूट करने वालों की तलाश में लगाई गई पुलिस टीम को जांच के दौरान बाजार में लगे सीसीटीवी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अहम सुराग मिले। जिससे घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को चिन्हित करने में टीम कामयाब हुई। रात में एसपी भी आसपुर देवसरा थाना पहुंचकर छानबीन करते रहे। देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने जलपा नहर रामगंज रोड से कंधई के लौवार निवासी दीपक वर्मा, रामगंज बाजार के अभिषेक वर्मा व अमन जायसवाल को पकड़ा।
सभी आरोपी लूट के बाद रुपये लेकर सुरक्षित ठिकाने पर जा रहे थे। उनके पास से सुल्तानपुर से चोरी की बाइक, तमंचा और लूट के 4.15 लाख रुपये झोला समेत बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान गल्ला कारोबारी के पड़ोसी अभिषेक वर्मा ने बताया कि प्रधान पुत्र अमन जायसवाल के कहने पर उसने अपने रिश्तेदार दीपक वर्मा के साथ मिलकर रुपये जमा करने जा रहे मुनीम से रुपयों से भरा झोला लूटकर फरार हो गए थे। जिसे बांटने के लिए वे सुरक्षित स्थान पर जा रहे थे।
बरामद बाइक जून माह में सुल्तानपुर के माल गोदाम रोड से चुराई गई थी। घटना का 12 घंटे के भीतर अनावरण करने वाले स्वाट टीम प्रभारी सुनील यादव, आसपुर देवसरा थानाध्यक्ष संतोष सिंह समेत पुलिस टीम को पुरस्कृत किया गया। एडीजी प्रयागराज भानु भाष्कर ने घटना का अनावरण करने वाली टीम को डीजीपी से वीरता पदक देने की संस्तुति की है। इस मौके पर एएसपी पूर्वी दुर्गेश सिंह, सीओ पट्टी आनंद राय मौजूद रहे।
प्रधान के बेटे ने रची थी लूट की साजिश
आसपुर देवसरा विकासखंड के मुनीपुर के प्रधान राकेश जायसवाल के बेटे अमन जायसवाल ने लूट की साजिश रची थी। अमन रामगंज बाजार में ही रहता था। अमन ने अभिषेक से मुनीम को लूटने की योजना बनाई। इसके लिए अभिषेक ने अपने रिश्तेदार दीपक से संपर्क किया। घटना को अंजाम देने के लिए पल्सर बाइक परिचित से मांगकर लाया गया। अमन कई दिनों से रेकी करने के बाद सोमवार को अभिषेक व दीपक को रुपये लूटने के लिए तैयार कर लिया। वह घटना के समय कुछ दूर पर खड़ा था। बाजार के युवकों की करतूत से लोग हैरत में हैं।
झोले में 4.15 लाख रुपये मिले तो भयभीत हो उठे लुटेरे
सूत्रों के अनुसार पहली बार लूट की वारदात करने वाले लुटेरे अभिषेक और दीपक मुनीम के हाथ से रुपयों से भरा झोला छीनकर भाग निकले। सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद झोले के रुपये गिने तो उनके हाथ पैर फूल गए। घटना से पहले दोनों मुनीम के पास से 50 हजार होने की बात समझ रहे थे। अधिक रुपये देख वे भयभीत हो उठे। हालांकि अमन जायसवाल ने दोनों को समझाबुझाकर शांत कराया। इस बीच दीपक को 50 हजार रुपये भी दे दिए। शेष रुपये अमन व अभिषेक के पास ही थे।
बाइक की 441 नंबर प्लेट ने बदमाशों की खोली पोल
गल्ला कारोबारी के मुनीम से लूट की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों की एक गलती ने उन्हें हवालात की हवा खिला दी। बदमाशों ने चेहरा छिपा लिया लेकिन बाइक के आगे प्लेट पर लिखा नंबर छिपाना भूल गए। जो पुलिस टीम ने खोज निकाला। बाइक के आगे नंबर प्लेट पर 441 लिखा था। जिसकी गहराई से चली तीन घंटे की छानबीन के बाद पुलिस को कामयाबी मिल गई।