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ट्रेनों और बसो में खचाखच भीड़, सरसो फेंकने भर की नहीं बची थी जगह
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ट्रेनों और बसो में खचाखच भीड़
प्रतापगढ़। रोजी रोटी के सिलसिले से परदेश गए लोग परिवार के साथ दिवाली का पर्व मनाने के लिए घर लौटे। इसके चलते शनिवार को ट्रेनों और बसों में खचाखच भीड़ रही।
रोजी रोटी के सिलसिले में जिले के काफी लोग महानगरों में रहते हैं। दिवाली और होली के त्यौहार पर लोगों को परिवार के साथ खुशियां मनाने के लिए आना पड़ता है। वैसे अधिकतर लोग दिवाली का पर्व अपने परिवार के लोगों के साथ मनाना चाहते हैँ। इसलिए दिल्ली, मुम्बई और गुजरात के साथ ही उत्तराखंड में रोजीरोटी के सिलसिले में रहते हैं। दीपावाली पर लोग अपने घर जरूर आते हैं। इसके चलते शनिवार को प्रतापगढ़ होकर गुजरने वाली काशीविश्वनाथ एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, उद्योगनगरी, भोपाल एक्सप्रेस और पंजाबमेल समेत अन्य ट्रेनें यात्रियों से फुल दिखी। यात्रियों को बैठने की तो बात दूर खड़े होने भर का जगह नहीं था। कुछ यात्री गेट पर लटककर जहां सफर कर रहे थे वहीं कुछ लोग शौचालय के पास बैठे थे। कमोबेश यही हाल बसों में भी देखने को मिला। लखनऊ, कानपुर और दिल्ली के साथ प्रयागराज से प्रतापगढ़ आने वाली बसों में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
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प्रतापगढ़। रोजी रोटी के सिलसिले से परदेश गए लोग परिवार के साथ दिवाली का पर्व मनाने के लिए घर लौटे। इसके चलते शनिवार को ट्रेनों और बसों में खचाखच भीड़ रही।
रोजी रोटी के सिलसिले में जिले के काफी लोग महानगरों में रहते हैं। दिवाली और होली के त्यौहार पर लोगों को परिवार के साथ खुशियां मनाने के लिए आना पड़ता है। वैसे अधिकतर लोग दिवाली का पर्व अपने परिवार के लोगों के साथ मनाना चाहते हैँ। इसलिए दिल्ली, मुम्बई और गुजरात के साथ ही उत्तराखंड में रोजीरोटी के सिलसिले में रहते हैं। दीपावाली पर लोग अपने घर जरूर आते हैं। इसके चलते शनिवार को प्रतापगढ़ होकर गुजरने वाली काशीविश्वनाथ एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, उद्योगनगरी, भोपाल एक्सप्रेस और पंजाबमेल समेत अन्य ट्रेनें यात्रियों से फुल दिखी। यात्रियों को बैठने की तो बात दूर खड़े होने भर का जगह नहीं था। कुछ यात्री गेट पर लटककर जहां सफर कर रहे थे वहीं कुछ लोग शौचालय के पास बैठे थे। कमोबेश यही हाल बसों में भी देखने को मिला। लखनऊ, कानपुर और दिल्ली के साथ प्रयागराज से प्रतापगढ़ आने वाली बसों में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
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