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Pratapgarh : एसबीआई में हुई करोड़ों की हेराफेरी की जांच सीबीआई के हवाले, हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश

Thu, 19 Sep 2024 03:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Sep 2024 03:44 PM IST
सार

न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति ओमप्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने मिथलेश तिवारी व अन्य की ओर से सीबीआई से जांच कराने की मांग संबंधी याचिका पर यह आदेश दिया। एसबीआई की लीलापुर शाखा में ग्राहकों से हेराफेरी की बात बीती 18 मार्च को तब सामने आई, जब घरौरा निवासी हनुमान प्रसाद तिवारी ने बैंक जाकर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की जानकारी ली।

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Investigation into fraud worth crores in SBI handed over to CBI, High Court issues order
हाईकोर्ट। - फोटो : adobe stock

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की लीलापुर शाखा में हुई चार करोड़ की हेराफेरी की जांच सीबीआई के हवाले कर दी है। खाता धारकों की याचिका पर अदालत ने यह आदेश दिया है। अभी तक प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी।

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न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति ओमप्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने मिथलेश तिवारी व अन्य की ओर से सीबीआई से जांच कराने की मांग संबंधी याचिका पर यह आदेश दिया। एसबीआई की लीलापुर शाखा में ग्राहकों से हेराफेरी की बात बीती 18 मार्च को तब सामने आई, जब घरौरा निवासी हनुमान प्रसाद तिवारी ने बैंक जाकर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की जानकारी ली।
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इसके बाद दूसरे ग्राहकों को पता चला तो उन्होंने भी 20 मार्च को बैंक पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद बैंक के प्रभारी शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल ने पूर्व शाखा प्रबंधक जयनाथ सरोज समेत दो अन्य कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसकी जांच क्राइम ब्रांच को दी गई। अभी तक हुई जांच में चार करोड़ 85 लाख 70 हजार रुपये की धनराशि की हेराफेरी की पुष्टि हो चुकी है।

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इस बीच, क्राइम ब्रांच की जांच से असंतुष्ट होकर मिथलेश तिवारी, मोहम्मद अशफाक, विजय पाठक, नरेंद्र तिवारी, पुर्णेंदु तिवारी, कमलेश तिवारी सहित कई खाताधारकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने प्रकरण में प्रतापगढ़ एसपी से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया था। एसपी ने हलफनामे में बताया कि मामले की गंभीरता देखते हुए ही जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

वहीं, याची के अधिवक्ता मानवेंद्र सिंह ने दलील दी कि मामला तीन करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता का है। बैंक के कर्मचारियों की संलिप्तता भी प्रथम दृष्टया जाहिर हो रही है। लिहाजा, सीबीआई को मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करनी चाहिए। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सुपुर्द कर दी।

हेराफेरी के आरोपी पूर्व ब्रांच मैनेजर की जमानत अर्जी खारिज, पत्नी की मंजूर

करोड़ों की हेराफेरी के आरोपी एसबीआई लीलापुर के पूर्व ब्रांच मैनेजर जयनाथ सरोज की अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। हालांकि, जयनाथ की पत्नी भावना सरोज की जमानत मंजूर कर ली गई है। जयनाथ के पिता धर्मा सरोज व दो बैंक सहकर्मी दीपक कुमार वर्मा व अनुराग सचान की जमानत अर्जियां अभी विचाराधीन हैं। इन सभी के खिलाफ बैंक में धोखाधड़ी करने समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज है। पुलिस धर्मा सरोज, दीपक कुमार वर्मा व अनुराग सचान को जेल भेज चुकी है, जबकि जयनाथ व उसकी पत्नी भावना फरार है। 

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