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खेत न खतौनी, रिश्तेदारों एवं करीबियों को बेच दी सैकड़ों बोरी खाद

Sat, 22 Aug 2020 12:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 12:21 AM IST
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Hundreds of bags of fertilizer sold to the farm, not Khatouni, relatives and close
Hundreds of bags of fertilizer sold to the farm, not Khatouni, relatives and close
साधन सहकारी समितियों और दुकानों से खाद की कालाबाजारी की जा रही है। मोटी कमाई के चक्कर में समितियों एवं दुकान संचालकों ने अपने रिश्तेदारों एवं करीबियों के नाम पर ही सैकड़ों बोरी खाद का हेरफेर कर दिया है। मजे की बात यह है कि न तो किसी के पास खेत है और न ही खतौनी। जांच टीम द्वारा रजिस्टर मिलान के दौरान समितियों एवं दुकान संचालकों का कारनामा सामने आया है।
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जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। समितियों एवं लाइसेंसी दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है। खाद की डिमांड का देखते हुए समय रहते ही सभी समितियों एवं दुकानों पर स्टाक बढ़ा गया। मगर इसके बाद भी जिले में खाद की किल्लत बनी हुई है। दरअसल, समितियों के संचालकों एवं दुकानदारों की मनमानी के चलते खाद को लेकर मारामारी हो रही है।
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खाद की कालाबाजारी के फेर में यह समस्या बनी हुई है। जांच के दौरान समितियों एवं दुकानों पर चल रहे खेल का पर्दाफाश हुआ है। जिले की सात समितियों के संचालकों ने सैकड़ों बोरी खाद का हेरफेर किया है।
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जांच के दौरान रजिस्टर मिलान में जिले के करमगंज समिति कुंडा, अदलाबाद समिति, आलापुर समिति, इटौरा समिति, केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार कुंडा, कछरा का पुल के साथ पट्टी, रानीगंज, बरहुपुर पट्टी की खाद दुकानों के संचालकों का कारनामा सामने आया है। किसी समिति में 100 तो किसी में 150 बोरी का हेरफेर किया गया है। जबकि दुकानों पर भी यही खेल हुआ है। इन सभी समितियों एंव दुकान संचालकों ने अपने रिश्तेदार व करीबियों के नाम पर खाद रिलीज की है। मजे की बात यह है कि इनमें कई ऐसे भी हैं जिनके पास न तो खेत है और न ही खतौनी। समितियों की अनियमितता उजागर होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डा अश्वनी सिंह ने बताया कि 7 समितियों एवं 3 लाइसेंसी दुकानों पर अनियमितता पाई गई है। जांच की जा रही है।

बिना आधारकार्ड के न खरीदें खाद
जिला कृषि अधिकारी डा अश्वनी सिंह ने कहा है कि किसान बिना आधारकार्ड के खाद न खरीदें। खाद लेने के लिए आधारकार्ड लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि इससे दुकानों पर हेरफेर नहीं हो सकेगा।
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