सीएमओ की जांच में दस ऐसे अल्ट्रासाउंड केंद्र मिले हैं, जहां कुछ न कुछ खामियां हैं। इनमें से चार सेंटरों पर रेडियोलाॅजिस्ट की जगह एमबीबीएस चिकित्सक मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच कर रहे हैं। बाकी छह संचालकों ने राज्य मेडिकल काउंसिल बोर्ड से जारी प्रमाण पत्र नहीं लगाए हैं।
जिले में श्रद्धालु अल्ट्रासाउंड सेंटर कबरियागंज, प्रीती अल्ट्रासाउंड केंद्र अमरगढ़, जगत गुरू कृपालु अल्ट्रासाउंड, नारायण स्वरुप हॉस्पिटल मानापुर रानीगंज, तनु हॉस्पिटल अल्ट्रासाउंड केंद्र तिलौरी कुंडा, दया हॉस्पिटल अल्ट्रासाउंड केंद्र पट्टी, उषा हॉस्पिटल अल्ट्रासाउंड केंद्र, रूमा अल्ट्रासाउंड केंद्र और सुषमा अल्ट्रासाउंड केंद्र गायघाट व मैक्स अल्ट्रासाउंड केंद्र डेरवा में कुछ न कुछ खामियां है। स्वास्थ्य विभाग से मिले रिपोर्ट के अनुसार श्रद्धालु अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पीजी के स्थान पर एमबीबीएस, जगत गुरु कृपालु अल्ट्रासाउंड के लिए पीजी चिकित्सक का प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड नहीं है। नारायण स्वरूप हॉस्पिटल रानीगंज में पीजी के स्थान पर एमबीबीएस, उषा अल्ट्रासाउंड केंद्र पर किसी डॉक्टर की डिग्री नहीं लगाई गई है। मैक्स अल्ट्रासाउंड केंद्र डेरवा अस्वीकृत है। ऐसे में चार अल्ट्रासाउंड केंद्र का संचालन एमबीबीएस डॉक्टर कर रहे हैं तो छह के पास उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल का प्रमाण पत्र सीएमओ ऑफिस मेंं जमा नहीं किया गया। इस मामले में सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने कहा कि सभी को नोटिस भेजकर कागजात को सप्ताह भर के अंदर सीएमओ कार्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जिनके पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं है उनका लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम से अनुमति ली जाएगी।