फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   forgery with farmers

किसानों से ठगी, दाम घटने के बाद भी वसूल रहे अधिक रुपये

Sun, 27 Oct 2019 12:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 27 Oct 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
forgery with farmers
किसानों से ठगी, दाम घटने के बाद भी वसूल रहे अधिक रुपये
विज्ञापन

10 अक्तूबर को डीएपी की बोरी पर 50 रुपये किया गया सस्ता
प्रतापगढ़। जिले के किसानों के लिए शासन ने डीएपी में 50 रुपये की कमी कर दी है। इफको ने पत्र जारी कर सचिवों से 1250 रुपये की बोरी को 1200 रुपये मेें बेचने को कहा है। इफको ने कहा है कि 50 रुपये की धनराशि को समायोजित कर लिया जाएगा। मगर सचिव यह बात मानने को तैयार नहीं हैं। वह किसानों को 1250 रुपये की दर से ही खाद की बोरियां बेच रहे हैं।

रबी की बुवाई के ठीक पहले किसानों को राहत देने के लिए शासन ने डीएपी की 50 किग्रा की बोरी पर 50 रुपये की छूट देने का फैसला लिया है। जिले की साधन सहकारी समितियों और सरकारी बिक्री केंद्रों पर इफको को खाद आपूर्ति की जिम्मेदारी मिली है। ऐसेे में इफकों ने पत्र जारी कर साधन सहकारी के समितियों के सचिवों से कहा था कि जिन बोरियों पर 1250 रुपये अंकित है, उसे भी किसानों को 1200 रुपये दी जाय। क्षेत्रीय प्रबंधक ने पुरानी बोरियों की बिक्री भी नई दर पर करने को कहा था। मगर सचिव हैं कि वह किसानों से पुरानी बोरियों पर पुराना दाम वसूल रहे हैं। जबकि नए दाम प्रिंट वाली खाद की बोरियां अभी बाजार में नहीं आई हैं। अधिकारी हैं कि वह चुनाव की व्यस्तता बताकर न तो वास्तविकता खोजने का प्रयास करेंगे और न ही किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई करना चाहते हैं। अफसरों की लापरवाही के चलते सचिव किसानों को ठग रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्विनी सिंह ने बताया कि दस अक्तूबर को ही आदेश आया है, किसानों को जानकारी दी जा रही है। अगर किसी बिक्री केंद्र से निर्धारित दर से अधिक की वसूली होती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed