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आईटीआई बिहार में शिक्षकों के लिए शासन को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:31 PM IST
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बिहार आईटीआई में शिक्षकों की कमी दूर करने का प्रयत्न शुरू है। शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। कुछ दिन पूर्व इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद विभाग के शीर्ष अफसर सक्रिय हुए। शिक्षकों की तैनाती के लिए यहां से शासन को पत्र भेजा गया है। कोपा और आईटी जैसे नए ग्रेडों की पढ़ाई के लिए संविदा पर शिक्षकों के तैनाती का मसौदा बन रहा है।
आईटीआई बिहार में शिक्षकों की काफी कमी है। यहां कुल 28 में सिर्फ एक शिक्षक है। बाकी के 27 पद रिक्त हैं। इन पदों पर शिक्षक न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चे विभिन्न ग्रेडों में प्रवेश लिए हैं। मगर शिक्षक न होने से उन्हें पढ़ाए कौन? ऐसे में प्राचार्य उन बच्चों को प्रतापगढ़ आईटीआई में पढ़ा रहे हैं। यहां मौजूद शिक्षक ही उन्हें गाहे बगाहे पढ़ा देते हैं। इस गंभीर मसले पर अमर उजाला की नजर पड़ी। कुछ दिन पूर्व प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। मामला सुर्खियों में आया तो शीर्ष अफसर सक्रिय हुए।
बिहार आईटीआई में शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा है। कहा गया है कि अविलंब यहां शिक्षकों की तैनाती की जाय। अन्यथा कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाएं। ताकि छात्र व छात्राओं की पढ़ाई समुचित ढंग से हो सके। इतना ही नहीं दो ग्रेड कोपा (कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, आपरेटर असिस्टेंट) व आईटी (इंफार्मेशन टेक्नॉलाजी) नए हैं। इसे पढ़ाने के लिए पहले भी शिक्षक नहीं थे। शासन को भेजे गए पत्र में इसके लिए संविदा पर शिक्षकों की तैनाती के लिए लिखा गया है। यदि इस पत्र पर शासन ने गंभीरता से गौर किया तो शिक्षकों की कमी से जूझ रहे बिहार आईटीआई की एक बड़ी समस्या समाप्त हो जाएगी और पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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आईटीआई बिहार में शिक्षकों की काफी कमी है। यहां कुल 28 में सिर्फ एक शिक्षक है। बाकी के 27 पद रिक्त हैं। इन पदों पर शिक्षक न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चे विभिन्न ग्रेडों में प्रवेश लिए हैं। मगर शिक्षक न होने से उन्हें पढ़ाए कौन? ऐसे में प्राचार्य उन बच्चों को प्रतापगढ़ आईटीआई में पढ़ा रहे हैं। यहां मौजूद शिक्षक ही उन्हें गाहे बगाहे पढ़ा देते हैं। इस गंभीर मसले पर अमर उजाला की नजर पड़ी। कुछ दिन पूर्व प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। मामला सुर्खियों में आया तो शीर्ष अफसर सक्रिय हुए।
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बिहार आईटीआई में शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा है। कहा गया है कि अविलंब यहां शिक्षकों की तैनाती की जाय। अन्यथा कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाएं। ताकि छात्र व छात्राओं की पढ़ाई समुचित ढंग से हो सके। इतना ही नहीं दो ग्रेड कोपा (कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, आपरेटर असिस्टेंट) व आईटी (इंफार्मेशन टेक्नॉलाजी) नए हैं। इसे पढ़ाने के लिए पहले भी शिक्षक नहीं थे। शासन को भेजे गए पत्र में इसके लिए संविदा पर शिक्षकों की तैनाती के लिए लिखा गया है। यदि इस पत्र पर शासन ने गंभीरता से गौर किया तो शिक्षकों की कमी से जूझ रहे बिहार आईटीआई की एक बड़ी समस्या समाप्त हो जाएगी और पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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