फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   dylisis available in district hospital

तीन अगस्त से जिला अस्पताल में कराएं डायलिसिस

Sun, 28 Jul 2019 12:36 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 12:36 AM IST
विज्ञापन
dylisis available in district hospital
जिला अस्पताल में डायलेसिस के लिए वार्ड में लगायी जा रही मशीने। - फोटो : PRATAPGARH
तीन अगस्त से जिला अस्पताल में कराएं डायलिसिस
विज्ञापन

गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत, नहीं लगाने होंगे लखनऊ-प्रयागराज के चक्कर
जिला अस्पताल में मरीजों का शुरू हो गया पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए लखनऊ या प्रयागराज का चक्कर नहीं लगाना होगा और न ही रुपये खर्च करने होंगे। तीन अगस्त से जिला अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलने लगेगी। इसके लिए पंजीकरण अभी से शुरू हो गया है।
जिले की आबादी करीब 35 लाख है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन हजार से डेढ़ हजार मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें प्रतिदिन चार से छह किडनी रोग से पीड़ित मरीज चिकित्सक के पास आते हैं। जिन्हें चिकित्सक डायलिसिस की सलाह देकर प्रयागराज या फिर लखनऊ रेफर कर देते हैं। जनपद में सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। इसके चलते मरीजों को प्रयागराज या फिर लखनऊ का चक्कर काटना पड़ता है। इससे मरीजों की जेब ढीली होती है और परेेेशानी का सामना भी करना पड़ता है। समय रहते इलाज न होने से उनकी हालत बिगड़ने लगती है। कई बार तो मौत भी हो जाती है। शासन ने जिले की समस्या को देखते हुए जिला अस्पताल में पीपीमोड के तहत डायलिसिस कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आदेशित किया था। बीते चार साल से डायलिसिस सेंटर का निर्माण चल रहा था। लाखों की लागत से मशीन भी खरीदकर शासन ने भेज दी है। अब जिला अस्पताल में दस बेड का डायलिसिस वार्ड बनकर तैयार हो गया है। सेंटर खोला जा रहा है। मरीजों का पंजीकरण भी शुरू हो गया है। तीन अगस्त को इसका उद्घाटन होगा। जिले में डायलिसिस की व्यवस्था होने से अब मरीजों को दूसरे जिलों में नहीं भटकना होगा। इस बीमारी से पीड़ित गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज होगा। सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान भारत के मरीजों की मुफ्त डायलिसिस होगी। अन्य मरीजों से भी डायलिसिस शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन दवा का खर्च देना पड़ेगा।
विज्ञापन

इनसेट------
एक दिन में 60 मरीजों का होगा इलाज
जिला अस्पताल में दस बेड का डायलिसिस सेंटर बनकर तैयार हो गया है। एक दिन में 60 मरीजों का इलाज होगा। हर मरीज चार से छह घंटे का समय दिया जाएगा। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। प्रतापगढ़ के साथ ही पड़ोस जनपद सुलतानपुर, रायबरेली, जौनपुर जनपद के मरीजों को भी इससे काफी सहूलियत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट------
छह मरीजों ने कराया पंजीकरण
उद्घाटन के पहले डायलिसिस सेंटर पर छह मरीजों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसका प्रचार-प्रसार भी शुरू हो गया है। किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए पंजीकरण कराने को कहा जा रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि प्रति माह 60 से 80 मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए रेफर किया जाता है। उन्हें भी परेशान होना पड़ता था। इसके संचालन से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
इनसेट------
कब पड़ती है किडनी को डायलिसिस की जरूरत
किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे शरीर के अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है। किडनी की कार्यक्षमता जब प्रभावित होती है तो खून में गंदगी जमा होने लगती है।डायलिसिस रक्तशोधन यानि ब्लड डिटॉक्सिफाई करने की एक प्रक्रिया है। किडनी 80-90 प्रतिशत तक खराब हो जाए तो डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। खून में जमा इसी गंदगी को बाहर करने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जाती है, उसे डायलिसिस यानि अपोहन कहा जाता है। किडनी यानि गुर्दा शरीर में पानी और खनिज पदार्थों जैसे सोडियम, पोटैशियम, फास्फोरस और क्लोराइड आदि का सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है। जब किसी रोग या परेशानी के कारण किडनी अपना काम नहीं कर पाती है तो शरीर में यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं। जिनकी वजह से किडनी तो प्रभावित होती ही है, साथ ही साथ अन्य अंग भी प्रभावित होते हैं।
वर्जन-------
तीन अगस्त से डायलिसिस यूनिट का शुभारंभ होने की उम्मीद है। आदेश मिलने के बाद मरीजों का पंजीयन शुरू कर दिया गया है। मरीज सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक अभी से ही अपना पंजीयन करा सकते हैं।

राजू कुमार, डायलिसिस सेंटर मैनेजर, जिला अस्पताल।
वर्जन--------
मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहा है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो गया है। डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के साथ डायलिसिस की व्यवस्था कर दी गई है। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो तीन अगस्त से डायलिसिस यूनिट में मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed