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पीसीएफ के जिला प्रबंधक अभिलेखों से साथ लखनऊ तलब
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पीसीएफ में तीन करोड़ रुपये की डीएपी के घपले के मामले में जिला प्रबंधक को अभिलेखों के साथ लखनऊ तलब किया गया है। जांच अधिकारी शुक्रवार को उनसे पूछताछ करेंगे। इधर, घपले के आरोपी भंडार नायक का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस उसकी तलाश करने का दावा कर रही है।
पीसीएफ में खाद घोटाले के बाद अधिकारी और कर्मचारी सहमे हुए हैं। 12 दिन से फरार भंडार नायक की लोकेशन नहीं मिलने से अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस के साथ विभागीय अधिकारी भी उसे ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। 12 नवंबर की शाम से फरार हुआ भंडार नायक अभी तक तक विभागीय कर्मचारियों के संपर्क में नहीं आया है। जानकारों का कहना है कि वह लखनऊ में एक नेता के यहां शरण लिए हुए है।
इधर, घपले की जांच कर रहे उप महाप्रबंधक ने शुक्रवार को जिला प्रबंधक पीसीएफ को सभी अभिलेखों के साथ लखनऊ तलब किया है। विभागीय अधिकारी यह खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि 1050 मीट्रिक टन डीएपी अचानक कम हो गई या इसके पहले से यह गड़बड़ी चल रही थी। उनका कहना है कि इसकी जानकारी भंडार नायक नायक संतोष कुमार के मिलने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, गोदाम से गायब हुई डीएपी की भरपाई भंडार नायक से ही की जाएगी।
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अब अधिकारी यह पता लगाने में परेशान हैं कि कितनी डीएपी का गबन हुआ है। हालांकि शीर्ष अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलने से अभी तक गोदाम में रखी यूरिया की गणना नहीं कराई गई है। अगर गोदाम में रखी यूरिया के बोरियों की गणना होती है, तो निश्चित रूप से इसमें भी गबन का मामला उजागर हो सकता है। जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकता है।
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पीसीएफ में खाद घोटाले के बाद अधिकारी और कर्मचारी सहमे हुए हैं। 12 दिन से फरार भंडार नायक की लोकेशन नहीं मिलने से अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस के साथ विभागीय अधिकारी भी उसे ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। 12 नवंबर की शाम से फरार हुआ भंडार नायक अभी तक तक विभागीय कर्मचारियों के संपर्क में नहीं आया है। जानकारों का कहना है कि वह लखनऊ में एक नेता के यहां शरण लिए हुए है।
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इधर, घपले की जांच कर रहे उप महाप्रबंधक ने शुक्रवार को जिला प्रबंधक पीसीएफ को सभी अभिलेखों के साथ लखनऊ तलब किया है। विभागीय अधिकारी यह खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि 1050 मीट्रिक टन डीएपी अचानक कम हो गई या इसके पहले से यह गड़बड़ी चल रही थी। उनका कहना है कि इसकी जानकारी भंडार नायक नायक संतोष कुमार के मिलने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, गोदाम से गायब हुई डीएपी की भरपाई भंडार नायक से ही की जाएगी।
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अब अधिकारी यह पता लगाने में परेशान हैं कि कितनी डीएपी का गबन हुआ है। हालांकि शीर्ष अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलने से अभी तक गोदाम में रखी यूरिया की गणना नहीं कराई गई है। अगर गोदाम में रखी यूरिया के बोरियों की गणना होती है, तो निश्चित रूप से इसमें भी गबन का मामला उजागर हो सकता है। जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकता है।